
राज्य सरकार चाहे सरकारी विद्यालयों में स्टाफ और संसाधनों की पूर्ति के लाख दावे करे, लेकिन जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर आए दिन स्कूलों में हो रही तालाबंदी कुछ और ही हकीकत बयां कर रही है. मंगलवार को भी दौसा जिले के सिकराय विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजवास ग्राम में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी का आरोप लगाकर ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के गेट पर तालाबंदी कर नारेबाजी की. इस दौरान ग्रामीणों का आरोप था कि विद्यालय में 1100 छात्र-छात्राओं का नामांकन होने के बावजूद मात्र 6 शिक्षकों के भरोसे ही विद्यालय को संचालित किया जा रहा है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है और उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है.
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में प्रधानाचार्य सहित अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषयों के शिक्षकों के रिक्त पद खाली हैं. ग्रामीणों का कहना था कि विगत तीन-चार वर्षों से विद्यालय में शिक्षकों की कमी चल रही है, जिसके चलते उन्हें तालाबंदी को मजबूर होना पड़ा.
वहीं विद्यालय में तालाबंदी की सूचना पर पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन ग्रामीण स्कूल में तुरंत प्रभाव से शिक्षक लगाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद सीबीईओ कृष्णा शर्मा की मौजूदगी में ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच फिर से वार्ता हुई और विद्यालय में दो शिक्षक डेपुटेशन पर लगाए गए. साथ ही शेष व्यवस्थाओं में जल्द सुधार करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल के गेट का ताला खोला.
गौरतलब है कि जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर आए दिन तालाबंदी व धरना प्रदर्शन होते रहते हैं, हालांकि इसके बाद सूचना पर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचते हैं और ग्रामीणों को व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन देकर मामला शांत करवाते हैं. स्थिति यह है कि जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग 3500 पद खाली हैं.
विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं : सीबीईओ
सिकंदरा सीबीईओ कृष्णा शर्मा ने कहा कि सिकंदरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजवास में शिक्षकों की कमी को लेकर तालाबंदी की सूचना पर वह मौके पर पहुंची थी. उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं है, हालांकि प्रधानाचार्य व उपप्रधानाचार्य के पद खाली हैं, जिन्हें भरे जाने के लिए उच्च स्तर पर अवगत करवा दिया गया है. विद्यालय में 563 छात्र-छात्राओं का नामांकन है, जिनके ऊपर 10 शिक्षक कार्यरत हैं. इसके अलावा बीएड इंटर्नशिप कर रहे शिक्षक भी वैकल्पिक तौर पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं. विद्यालय में 6 शिक्षक होने की बात का वह सिरे से खंडन करती हैं. ग्रामीणों की मांग पर फिलहाल दो और शिक्षक अन्य स्थानों से विद्यालय में डेपुटेशन पर लगाए हैं, विद्यालय का ताला खुलवा दिया गया है.
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