
Rajasthan Safe Travel Plan: राजस्थान में स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर काफी समय से सवाल उठाए जा रहे थे. हाल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें स्कूल जाने वाले कुछ ऐसे बस सड़क पर दौड़ते नजर आए जिनका परमिट भी नहीं था. वहीं स्कूल बस के हादसों की भी खबर सामने आई, क्योंकि ऐसे बसों की फिटनेस टेस्ट नहीं की गई था. ऐसे में राजस्थान की सरकार ने स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए अहम कदम उठा रही है. इसके तहत सरकार नई योजना शुरू कर रही है जिसका नाम है 'सुरक्षित सफर योजना'.
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशों पर अब स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है. इसी क्रम में परिवहन सचिव शुचि त्यागी के निर्देश पर आरटीओ प्रथम और ट्रैफिक पुलिस ‘सुरक्षित सफ़र योजना' की शुरुआत करने जा रहे हैं. इस मुद्दे पर आज आरटीओ कार्यालय झालाना में अहम बैठक बुलाई गई है. बैठक में जयपुर शहर के सभी स्कूल-कॉलेज संचालकों और बस ऑपरेटर्स को बुलाया गया है, ताकि योजना की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हो सके.
स्कूल बसों के लिए होगा अनिवार्य
योजना का मकसद बच्चों की स्कूल यात्रा को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप बनाना है. इसके तहत सभी स्कूल बसों को अनिवार्य रूप से विशेष परमिट, वैध पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखना होगा. बसों पर “स्कूल बस” और संबंधित स्कूल का नाम साफ-साफ लिखा होना ज़रूरी होगा. इसके अलावा, वाहन मालिक और चालक का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य विवरण बस के अंदर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा.
योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा
- 1 से 07 सितम्बर 2025 तक जनजागरूकता अभियान चलेगा.
- 8 से 15 सितम्बर 2025 तक बसों की जांच और दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा.
- 16 से 30 सितम्बर 2025 तक वाहनों का पंजीकरण और अंतिम सत्यापन कार्य पूरा होगा.
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों में आधुनिक तकनीकी उपकरण भी लगाए जाएंगे. इनमें GPS सिस्टम, CCTV कैमरे, पैनिक बटन और स्पीड गवर्नर शामिल हैं. पैनिक बटन दबाने पर 2 से 5 सेकंड में बस की लोकेशन कंट्रोल रूम में पहुँच जाएगी और नज़दीकी पुलिस वाहन तुरंत मौके पर रवाना होगा. वहीं, CCTV कैमरे 4G तकनीक से जुड़े होंगे, जिनकी निगरानी स्कूल प्रशासन लाइव कर सकेगा.
इसके साथ ही, सभी बस चालकों और सहायकों का पुलिस वेरिफिकेशन और चरित्र प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा ताकि किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का बच्चों से सीधा संपर्क न हो. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना परमिट और मानकों को पूरा किए कोई भी वाहन स्कूल बस के रूप में संचालित नहीं होगा. उस पर कार्यवाही की जाएगी.
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