
Rajasthan Assembly Election 2023: बाड़मेर जिले की शिव और पचपदरा विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर फंसा पेंच सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा है. बात करें बाड़मेर विधानसभा सीट की तो इस सीट से प्रियंका चौधरी का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है, लेकिन पार्टी उनकी जगह बाड़मेर जैसलमेर सांसद और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को इस सीट से मैदान में उतारना चाह रही है.
केंद्रीय मंत्री ने यहां से चुनाव लड़ने से साफ इनकार करते हुए प्रियंका चौधरी का ही नाम आगे किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्टी हाईकमान ने प्रियंका चौधरी को टिकट देने से साफ इनकार कर दिया और इसकी वजह पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) से प्रियंका के पारिवारिक संबंध बताए जा रहे हैं. बहरहाल प्रियंका चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी सभाएं बुलाकर पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश भी की लेकिन पार्टी पर इसका कोई असर नहीं हुआ.
दिग्गज जाट नेता गंगाराम की पौत्री हैं प्रियंका
प्रियंका चौधरी बाड़मेर के दिग्गज जाट नेता पूर्व विधायक एवं मंत्री गंगाराम चौधरी की पौत्री हैं. प्रियंका ने बाड़मेर विधानसभा सीट से 2013 में भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ा था. 2018 में भी बाड़मेर विधानसभा सीट से सबसे मजबूत नाम प्रियंका चौधरी का ही निकाल कर सामने आया था, लेकिन इन वक्त पर बाड़मेर जैसलमेर के पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी बाड़मेर विधानसभा सीट से टिकट हासिल करने में कामयाब रहे थे.
मलिक से नजदीकियों के चलते आ रही मुश्किलें
सूत्रों के अनुसार प्रियंका चौधरी का टिकट काटे जाने का सबसे बड़ा कारण निकलकर सामने यह आया है. बता दें कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) एवं प्रियंका चौधरी का पारिवारिक संबंध रहा है. सत्यपाल मलिक द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध लगातार मोर्चा खोले हुए हैं और पिछले दिनों राहुल गांधी को भी एक इंटरव्यू दिया है जो पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है.
5 दिन जयपुर-दिल्ली में डाला था डेरा
भाजपा द्वारा जारी किए गए दो लिस्ट में नाम नहीं आने के बाद प्रियंका चौधरी ने 5 दिन तक दिल्ली और जयपुर में डेरा जमाये रखा. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने भी प्रियंका चौधरी के लिए मजबूती से पैरवी की, लेकिन पार्टी हाई कमान पर इसका कोई असर नहीं हुआ. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रियंका चौधरी को टिकट देने में रुचि नहीं दिखाई. जिसके बाद प्रियंका चौधरी गुरुवार को बाड़मेर लौटी और देर शाम अपने आवास पर कार्यकर्ताओं और जाट समाज के लोगों की बैठक भी बुलाई. हालांकि इस बैठक में प्रियंका चौधरी के चुनाव लड़ने को लेकर कोई घोषणा या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
शुक्रवार को होगी एक और बड़ी बैठक
इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी शुक्रवार को बाड़मेर पहुंचकर बड़ी महापंचायत करने की खबर सामने आ रही है. इस महापंचायत से पहले ही प्रियंका चौधरी के नाम से सोशल मीडिया पर 4 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी से नामांकन भरने का मैसेज वायरल हो रहा है. वायरल मैसेज में लिखा हुआ है कि बाड़मेर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी से प्रियंका चौधरी 4 नवंबर को भारी भीड़ के साथ अपना नामांकन दाखिल करेगी. सोशल मीडिया पर यह मैसेज वायरल होने के बाद बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या वाकई में पार्टी ने उन्हें हरी झंडी दी है या फिर टिकट को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स का नया स्टंट है.