
Govind Singh Dotasara: राजस्थान विधानसभा में जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया जा सकता है. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के भावुक वक्तव्य के बाद सत्ता पक्ष ने डोटासरा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं. विधानसभा में कल अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भावुक हो गए थे. उन्होंने डोटासरा के बयान पर भर्राए गले से कहा था कि ऐसे शब्द सुनने के लिए मैं विधानसभा में नहीं आया. इस पर कठोरतम विचार करने की जरूरत है. स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि यह मेरा नहीं आसन का अपमान है.
सूत्रों के मुताबिक, सोलहवीं विधानसभा के पूरे कार्यकाल के लिए डोटासरा के निष्कासन का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है. सत्ता पक्ष इसे अनुशासनहीनता और सदन की गरिमा भंग करने का मामला मान रहा है. इसके तहत विधानसभा में नियमों के उल्लंघन और अध्यक्ष की अवहेलना का हवाला देते दिया जा रहा है. अगर ऐसा हुआ तो अगले चुनाव तक डोटासरा विधानसभा में नहीं आ सकते.
हंगामा किया तो होगा स्वतः निलंबन
हंगामे की वजह से सदन नहीं चलने पर पक्ष और विपक्ष दोनों की आलोचना हो रही है. इस बीच सदन सुचारू रूप से चल सके इसके लिए राजस्थान विधानसभा के स्पीकर वासुदेव देवनानी ने नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत अब लोकसभा की तर्ज पर यदि कोई भी सदस्य आसन की ओर बढ़ने की कोशिश करेगा, या सदन की अवहेलना करेगा तो उसका निलंबन स्वतः ही हो जाएगा. इसके लिए कोई प्रस्ताव लाने की जरूरत नहीं होगी. विधानसभा में वर्तमान में हो रहे हंगामे की वजह से स्पीकर ने इस सख्त व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. सत्ता पक्ष ने इस फैसले का स्वागत किया है.
अमर्यादित भाषा वीडियो जारी करें- डोटासरा
उधर सदन के बाहर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, '' हम तो स्पीकर के पास जाकर गुहार लगा रहे थे कि मंत्री ने जो बोला है उसे एक्सपंज करवाओ (कार्यवाही से हटाओ), हमने और क्या बोला ? हमने खेद प्रकट कर दिया, लेकिन मंत्री से माफ़ी नहीं मंगवाई, बल्कि भाजपा ऑफिस में उनका स्वागत किया गया. अगर इनके पास हमारे द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किये जाने का सबूत होता तो, ये लोग वीडियो जारी कर देते''
डोटासरा ने कहा कि हम इस डेडलॉक को तोड़ने के लिए स्पीकर के कक्ष में गए थे. वहां यह बात तय हो गई थी कि अविनाश गहलोत माफ़ी मांगेंगे और मैं पूरे घटनाक्रम पर खेद प्रकट करुंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह लोग गीता पर कसम खा कर यह बोल दें कि मेरी माफ़ी की बात हुई थी. अगर यह साबित हुए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.
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