
बिगड़े मानसूनी चक्र से प्रदेश में किसानों पर खासा असर दिखाई दे रहा है. इस वर्ष मानसून में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है. मानसून से पहले हुई बरसात ने इस मानसूनी चक्र को बिगाड़ दिया है. इस समय खेतों में खरीफ की फसल तैयार है, जिसे मानसूनी वर्षा से पानी मिलता है, लेकिन इस वर्ष बारिश कम होने से खड़ी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है.
पिछले वर्ष से 70% मानसूनी वर्षा कम
अगस्त माह के अंत तक मानसूनी वर्षा लगभग समाप्ति की ओर रहती है, लेकिन इस वर्ष पूरे मानसून में ही अच्छी वर्षा देखने को नहीं मिली, जिससे प्रदेश भर के किसान चिंतित है. इससे आमजन बढ़ती गर्मी और उमस से परेशान होते दिखाई दे रहे हैं. तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
हिमालय की तरफ शिफ्ट हुआ ट्रफ लाइन
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिणी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के कुछ जिले को छोड़ दे तो पूरे प्रदेश में बारिश की कमी देखी गई है. आमतौर पर अगस्त माह में प्रदेश के हर इलाकों में बारिश होती है, लेकिन अब ट्रफ लाइन हिमालय की तरफ शिफ्ट हो गई है. जिससे बारिश की उम्मीद कम है. वही दिन प्रतिदिन दैनिक तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है.
बीसलपुर बांध को बरसात की उम्मीद
बीसलपुर बांध का वर्तमान जलस्तर 513.92 आरएल मीटर है, जो कि इस समय तक 515.50 आरएल मीटर तक होना चाहिए था. इस बार वर्षा में कमी के चलते बांध में पानी की चादर नहीं चली. इस बांध के पानी से सिंचाई करने वाले 265 गांवों को बरसात की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल बारिश की संभावना कम नज़र है.