राजस्थान की पहचान और मरुस्थल की जीवन रेखा कहे जाने वाले 'खेजड़ी' वृक्ष को बचाने के लिए बीकानेर में आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। 'खेजड़ी बचाओ आंदोलन' के सातवें दिन भी महापड़ाव जारी है, जहाँ प्रदेश भर से पर्यावरण प्रेमी जुट रहे हैं। आंदोलन के संयोजक परसाराम बिश्नोई ने सरकार को खुली चेतावनी देते हुए बड़ा एलान किया है कि आगामी 17 फरवरी (अमावस्या) को 5 लाख से ज्यादा लोग बीकानेर में एक साथ क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि खेजड़ी को काटने से रोकने के लिए सरकार सख्त कानून बनाए।