
Rajasthan News: झुंझुनूं की बेटियों ने समय-समय पर देशभर में नाम रोशन किया है. एक बार फिर ऐसा ही मौका आया है. हाल ही में भारतीय नौसेना में सेवा चयन बोर्ड (SSB) में टेक्निकल ब्रांच में निकली भर्ती में झुंझुनूं के बेरला गांव निवासी बेटी ईशा बिजारणिया (Isha Bijarania) ने चयन पाकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है. इस भर्ती में कुल 30 पदों के लिए तीन लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. इन 30 पदों में से नौ पदों पर पहली बार छात्राओं का चयन होना था. ईशा देश की इन पहली 9 छात्राओं में से एक है, जिसने नेवी में चयन पाकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है.
पहली बार महिलाओं के लिए निकली वैकेंसी
अब ईशा बिजारणिया भारतीय नौ सेना में टेक्निकल ब्रांच से लेफ्टिनेंट बनेंगी. वह ऐसा करने वाली देश की पहली 9 युवतियों में शामिल होगी. वह इस ब्रांच से लेफ्टिनेंट बनने वाली जिले की पहली युवती होगी. ईशा के पिता जिला परिषद झुंझुनूं में जिला आईईसी समन्वयक अजीत सिंह बिजारणिया की बेटी है. ईशा ने बताया कि भारतीय नौसेना में ‘सेवा चयन बोर्ड' (एसएसबी) में टेक्निकल ब्रांच से बारहवीं व जेईई मेंस में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए जून में भर्ती निकली थी. इसमें पहली बार महिलाओं के लिए नौ पदों की जगह निकाली गई थी. भर्ती तो पहले भी निकलती थी, लेकिन पहले केवल युवकों की भर्ती होती थी. इस परीक्षा को ईशा ने उत्तीर्ण कर लिया है. वह इसी माह 14 जनवरी से एशिया की सबसे बड़ी भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) एझिमाला, केरल से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी. इसके बाद पहली पोस्टिंग लेफ्टिनेंट के पद पर मिलेगी.
30 पदों पर आए करीब 30 लाख आवेदन
आपको बता दें कि जून में तीस पदों के लिए देशभर से तीन लाख के करीब अभ्यर्थियों ने आवेदन किया किया था. 16 से 21 सितम्बर के बीच विशाखापट्टनम में चली चयन प्रक्रिया में 19 वर्षीय ईशा ने पहले प्रयास में सफलता हासिल की. मेडिकल, चरित्र सत्यापन, मेरिट आदि सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय (नौसेना) ने सोमवार नववर्ष पर चयन सूची जारी की. ईशा का चयन होने पर गांव, परिवार व रिश्तेदारों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई. चयन के बाद ईशा ने बताया कि बचपन से ही उसका सपना सेना में बड़ी अधिकारी बनने का रहा है. उसके दसवीं में 89 व 12वीं में 90 फीसदी अंक आए. वर्तमान में राजोता से बीएससी कर रही है. एनसीसी में भी रह चुकी. ईशा के दादा दलीप सिंह हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड खेतड़ी में कर्मचारी थे. इसलिए पढाई भी खेतड़ी नगर में ही हुई. मां राजबाला राजकीय बालिका स्कूल माकड़ो में अध्यापिका हैं. भाई अभिनव बास्केटल बाल का खिलाड़ी है.
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