Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर जिले के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में हुई मोहिनी देवी की हत्या अब एक साधारण घरेलू विवाद नहीं मानी जा रही. पुलिस जांच में साफ हुआ है कि यह वारदात लालच और स्वार्थ से जन्मी एक सोची समझी साजिश थी. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड खुद मृतका का पति भागचंद रावत निकला.
पति का स्याह आपराधिक अतीत
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भागचंद रावत का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर रहा है. वर्ष 1984 में नाबालिग उम्र में उसने अपने ही चाचा मेवा सिंह की हत्या कर दी थी. उस समय पूरे गांव पर शक किया गया था लेकिन बाद में भागचंद को जमानत मिल गई.
इसके बाद भी उसकी आपराधिक प्रवृत्ति नहीं बदली. करीब दो साल पहले उसने अपनी किराए पर दी दुकान में खुद आग लगा दी थी जिससे उसकी मानसिकता पहले ही सामने आ चुकी थी.
किराएदारों को बनाया मोहरा
जांच में सामने आया कि भागचंद ने पत्नी से चल रहे घरेलू तनाव को हथियार बनाया. उसने अपने किराएदारों को संपत्ति और जेवरात देने का लालच दिया. इसी लालच में आकर दोनों युवक हत्या की साजिश में शामिल हो गए. पुलिस के अनुसार रसोई को वारदात की जगह चुना गया ताकि घटना घरेलू झगड़े जैसी लगे.
रसोई में हुई निर्मम हत्या
पूर्व नियोजित योजना के तहत मोहिनी देवी का चुन्नी से गला घोंट दिया गया. हत्या के बाद आरोपी पति खुद को निर्दोष दिखाने के लिए इधर उधर घूमता रहा. उसने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की लेकिन मोबाइल लोकेशन कॉल डिटेल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी उजागर कर दी.
तीनों आरोपी जेल में
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए पति भागचंद रावत और दोनों किराएदारों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में साजिश की पुष्टि हो गई. तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया.
पुलिस अब चार्जशीट तैयार कर रही है. यह मामला समाज को चेतावनी देता है कि जब लालच हावी हो जाए तो इंसान रिश्तों की मर्यादा भी भूल जाता है.
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