Rajasthan News: राजस्थान के दौसा जिले से बड़ी खबर सामने आई है. जहां लालसोट एडीजे कोर्ट ने वर्ष 2022 के बहुचर्चित रामगढ़ पचवारा गैंगरेप और मर्डर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी संजू मीना और कालू मीना को फांसी की सजा सुनाई है. न्यायाधीश ऋतु चौधरी ने यह फैसला सुनाया. गुरुवार को अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज सजा का ऐलान किया गया.
लिफ्ट के बहाने किया अपहरण
मामला वर्ष 2022 का है जब जयपुर से अपने पीहर जा रही एक महिला को आरोपियों ने लिफ्ट देने का झांसा देकर अगवा कर लिया था. अपहरण के बाद महिला के साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई. वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने महिला के शव को एक कुएं में फेंक दिया था. इस जघन्य अपराध से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था.
सरकार ने बनाई थी एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया था. एसआईटी ने गहन जांच कर सबूत जुटाए और मजबूत चार्जशीट पेश की. अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना.
दौसा जिले में पहली बार फांसी की सजा
बताया जा रहा है कि दौसा जिले के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है. अदालत ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए यह कठोर दंड दिया. हालांकि यह सजा उच्च न्यायालय की पुष्टि के बाद ही प्रभावी होगी.
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