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This Article is From Apr 04, 2025

Waqf Bill: "वक्फ ने किया क्या हसीन सितम, मुस्लिम लीग और शिवसेना हो गए हम", सुधांशु त्रिवेदी ने वक्फ बिल पर विपक्ष को घेरा

Waqf Bill in Rajyasabha राज्यसभा में बीजेपी सदस्य ने वक्फ बिल पर बात करते हुए कहा कि सरकार मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है.

Waqf Bill: "वक्फ ने किया क्या हसीन सितम, मुस्लिम लीग और शिवसेना हो गए हम", सुधांशु त्रिवेदी ने वक्फ बिल पर विपक्ष को घेरा
वक्फ संशोधन बिल पर राज्यसभा में भाषण के दौरान सुधांशु त्रिवेदी

Sudhanshu Trivedi Speech: राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक-2025 पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस विधेयक को पूरी गंभीरता और विचार-विमर्श के साथ तैयार किया गया है, लेकिन कुछ लोग इसके प्रावधानों को लेकर गलतफहमी फैलाने में जुटे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि देश में सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड अलग-अलग क्यों हैं और ताजमहल तक पर वक्फ बोर्ड ने दावा क्यों ठोक दिया. इस दौरान उन्होंने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने वाली कई पार्टियों की विचारधारा पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि "वक्फ ने किया क्या हसीन सितम, मुस्लिम लीग और शिवसेना हो गए हम."

बीजेपी सदस्य ने कहा कि सरकार मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, “यह मुकाबला समाज के विकास में विश्वास करने वालों और सिर्फ अपना हित साधने वालों के बीच है. हमारी सरकार गरीब मुस्लिम समाज के साथ खड़ी है, न कि कट्टरपंथी वोटबैंक की राजनीति करने वालों के साथ.”  

सांसद का सवाल- क्या वे दूसरी दुनिया में मानते हैं?

त्रिवेदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग ‘उम्मा' (इस्लामिक वैश्विक समुदाय) की अवधारणा को लेकर भ्रम में हैं और अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है. उन्होंने कहा, “अल्पसंख्यकों की बात करने वाले पहले उन्हें तौलते हैं, फिर अपने एजेंडे के हिसाब से काम करते हैं.” उन्होंने ऐसी मानसिकता पर सवाल उठाया, “अगर वे न कानून मानते हैं, न नियमों को, न ही अदालतों के आदेशों को, तो क्या वे खुद को किसी दूसरी दुनिया में मानते हैं?”  

सूरत नगर निगम पर भी वक्फ ने किया दावा- सुधांशु त्रिवेदी

बीजेपी सांसद ने कहा कि सरकार के सभी कदम संविधान के दायरे में और न्यायसंगत तरीके से उठाए गए हैं. विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “ब्रिटिश हुकूमत में जब मुगलों से सारा हक छीन लिया गया था, तो अब गुजरात से लखनऊ तक वक्फ का मालिकाना हक अचानक कहाँ से आ गया?” उन्होंने बताया कि सूरत नगर निगम पर भी वक्फ ने दावा किया है, जो दर्शाता है कि पुरानी हुकूमतों के फरमान को संविधान से ऊपर रखने की कोशिश हो रही है.  

उन्होंने कहा, “जमींदारी उन्मूलन 1948 में हो गया था, फिर ये नए जमींदार कहाँ से पैदा हो गए? 2013 के एक्ट में ऐसी व्यवस्था की गई कि गरीबों की जमीन लेकर वक्फ को दे दी गई.” त्रिवेदी ने इसे विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के बजाय ‘भू हड़प आंदोलन' करार दिया. बीजेपी नेता ने उदाहरण देते हुए कहा, “क्या किसी ईसाई समुदाय ने कभी दावा किया कि इंडिया गेट या चर्च गेट उनका है? फिर वक्फ बोर्ड को इतनी विशेष शक्तियां क्यों दी गईं?” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के संशोधन किसी धार्मिक फरमान पर आधारित नहीं, बल्कि संविधान के अनुरूप हैं. 

"आजादी के समय किसी ने वक्फ बोर्ड की मांग नहीं की"

त्रिवेदी ने यह भी सवाल उठाया कि आजादी के समय किसी ने वक्फ बोर्ड की मांग नहीं की थी, तो इसे क्यों और कैसे स्थापित किया गया? उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को मुख्यधारा में आने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन कुछ लोग इसे अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. 

उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा देश बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान से चलेगा, किसी मजहबी फरमान से नहीं.” त्रिवेदी का मानना है कि सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों को समान अधिकार देना है, न कि किसी विशेष समूह को अनुचित लाभ पहुंचाना.

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