
High Court: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सड़क हादसे के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. आदेश में कहा कि मोटर वाहन दुर्घटना में गर्भ में पल रहा बच्चा भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत हर्जाने का हकदार है. जस्टिस सुवीर सहगल ने फैसला सुनाया. फैसले में उन्होंने कहा कि दावेदारों को सभी पहलुओं पर विचार करके मुआवजा नहीं दिया गया है. बच्चा उस दुर्घटना के दिन मां के गर्भ में था. ऐसे में वह कानून के मुताबिक हर्जाना पाने का हकदार है.
कैथल की महिला ने याचिका दायर की थी
हरियाणा के कैथल जिले की महिला ने हाईकोई में याचिका दायर की थी. याचिका में उसने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा तय किए मुआवजे को बढ़ाए जाने की मांग की थी. उसने बताया कि सड़क हादसे में उसके पति की मौत हो गई थी. उसके पति की बाइक में ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी. जब हादसे में उसके पति की मौत हुई तो वह गर्भवती थी और दो महीने बाद बेटा पैदा हुआ.
ट्रैक्टर ने बाइक में टक्कर मार दी थी
हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि एक गवाह ने हादसे के तथ्यों को सही ढंग से स्थापित किया. गवाह ने बयान दिया कि आरोपी ट्रैक्टर को स्पीड में चला रहा था. बाइक में टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया था. जस्टिस सुवीर सहगल ने कहा कि मृतक, जो भवन निर्माण सामग्री की दुकान चलाता था. वह 24 साल का था. उसकी आय 6 हजार रुपए प्रति महीने मानकर मुआवजे का आकलन किया.
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