
Rajasthan: पाली के सोजत में सांड की चपेट में आने से मेहंदी के कारोबारी नरेंद्र टांक की मौत हो गई थी. इस मामले में अपर एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार गढ़वाल ने नगर पालिका ईओ, सभापति और स्वायत शासन विभाग को घटना का जिम्मेदार ठहराया है. कोर्ट ने नगर पालिका सोजत पर 44 लाख 10 हजार 480 रुपए का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने मृतक के आश्रितों को क्षतिपूर्ति के रूप में जुर्माने की राशि देने का आदेश दिया है.
सांड की चपेट में आ गए थे कारोबारी
पीड़ित पक्ष के वकील गजेंद्र सोनी ने घटना के लिए नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है. वकील ने मीडिया को बताया कि 21 मई, 2015 को सोजत सिटी में 45 वर्षीय नरेंद्र टांक बाइक से घर जा रहे थे. वह मेहंदी के कारोबारी थे. सड़क पर दो सांड लड़ रहे थे. इस दौरान नरेंद्र टांक इसकी चपेट में आ गए. सांड की सींग से नरेंद्र के सिर में चोट लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.
कारोबारी की पत्नी और बेटे ने मामला दर्ज कराया था
इसके बाद नरेंद्र की पत्नी ज्योति टांक, बेटी कुणाल और बेटी भूमिका ने पुलिस में मामला दर्ज कराया. नगर पालिका ईओ, अध्यक्ष, स्वायत्त शासन विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ केस दर्ज कराया था. पुलिस ने जांच के बाद 30 जून 2015 को जांच की रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में मामला चल रहा था.
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गाय और सांड सड़क पर भटक रहे थे
जांच में पाया कि गाय और सांड सड़क पर भटक रहे थे. इस दौरान नरेंद्र की बाइक सांड से टकरा गई. इसकी वजह से नरेंद्र के सिर पर गंभीर चोट आई और दोनों फेफड़ों में गंभीर चोट लगी जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई. यह भी बताया गया कि नगर पालिका के उपेक्षापूर्ण कार्य की वजह से बेसहारा पशु मुख्य सड़क पर उत्पात मचा रहे थे.
कोर्ट में सुनवाई के दौरा सोजत नगर पालिका के तत्कालीन अध्यक्ष और अधिशासी अभियंता की आर से जवाब में दावा किया गया कि सोजत नगर पालिका क्षेत्र में बेसहारा पशु, गाय और सांड हैं ही नहीं.
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