भीलवाड़ा के रायला थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक कपड़ा फैक्ट्री में काम के दौरान 2 मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनके शवों को एमजीएच की मोर्चरी में रखवाया गया है. मोर्चरी पर परिजनों के साथ ही भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए हैं, जिन्हें विधायक उदय लाल भडाणा और पुलिस प्रशासन समझाने का प्रयास कर रहे हैं.
अचानक बेहोश हो गए 2 मजदूर
रायसिंहपुरा स्थित सीताराम डेनिम फैक्ट्री है, जहां बॉयलर साइड में कार्यरत 2 मजदूर अचानक बेहोश हो गए. मृतकों की पहचान गजानंद गाडरी, निवासी जिंद्रास आसींद और कमलेश गुर्जर, निवासी नानोड़ी के रूप में हुई है. दोनों मजदूर पिछले करीब 6 महीने से फैक्ट्री में काम कर रहे थे.
बॉयलर के पास अचेत अवस्था में मिले
सुबह करीब 8 बजे अन्य कर्मचारियों ने उन्हें बॉयलर के पास अचेत अवस्था में पड़ा देखा. सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस से दोनों को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में बॉयलर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण दम घुटने या करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है, फिलहाल मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

मजदूर और ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे हैं.
फैक्ट्री के बाहर मजदूर कर रहे प्रदर्शन
फैक्ट्री के अन्य मजदूर और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि बॉयलर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में प्रशिक्षित ऑपरेटर के बजाय सामान्य श्रमिकों से काम कराया जा रहा था. ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी गैस लीक होने और करंट दौड़ने की घटनाएं हो चुकी हैं. मजदूरों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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