
Rajasthan Monsoon: राजस्थान में अब तक के मानसून की बारिश के चलते कई क्षेत्रों में किसानों के लिए बारिश आफत भरी रही है, तो वही बात करें पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर की तो शहरी क्षेत्र सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार कमजोर मानसून किसानों के लिए आफत भरा रहा है. अत्यधिक बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में किसानों की फसल नष्ट हुई है. तो वहीं जोधपुर में कमजोर मानसून और बारिश की कमी के चलते किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मानसून अगले कुछ दिनों में पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर सहित अन्य क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की संभावना भी जाता रहा है. उनका यह भी मानना है कि जल्द ही किसानों की यह मायूसी खुशी में बदलेगी.
थार रेगिस्तान का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले जोधपुर में पिछले कुछ दिनों से आम जनजीवन भी बारिश की उम्मीदों को लेकर टकटकी लगाए बैठा है. उमस से आम जन जीवन भी त्रस्त नजर आ रहा है.

जुलाई तक 165 एमएम बारिश की जताई थी संभावना
काजरी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ड़ॉ.डीवी सिंह ने बताया कि जोधपुर में अब तक जून और जुलाई तक 165 एमएम बारिश की उम्मीद कर रहे थे. जबकि औसत रेनफॉल 165 एमएम है. लेकिन अभी तक यहां मात्र 100 मिली मीटर ही बारिश हुई है. जिसमें करीब 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. जबकि आसपास के जिलों की बात करें तो पाली, सिरोही, जालौर इन क्षेत्रों में भी कुछ बारिश की कमी रही है. जबकि बाड़मेर, जैसलमेर और नागौर जैसे जिलों में इस बार अच्छी बारिश हो रही है.

उन्होंने बताया मानसून की शुरुआत होती है तो सर्वप्रथम जब मानसून राजस्थान में प्रवेश करता है तो हमारे पास केरल से तारीख आती है. राजस्थान के दक्षिणी भाग से 1 जून से मानसून प्रवेश करता है और पश्चिमी राजस्थान तक आते-आते करीब 1 जुलाई हो जाती है. इस वर्ष भी मानसून की शुरुआत समय पर हुई थी और संभवत 10 जून तक मानसून प्रवेश कर चुका था. हालांकि कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश और कई जगहों पर बारिश नहीं के बराबर होती है. ऐसी ही हालत इस बार भी है और जोधपुर क्षेत्र को छोड़कर अन्य कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है.
अब मुरझा रहे हैं छोटे पौधे
काजरी के मौसम वैज्ञानिक डॉ मीना ने बताया कि जैसा कि इस बार 102 एमएम बारिश दर्ज की गई है. जो औसत रेनफॉल से काफी कम है. जैसा कि हम सोचते हैं कि 40, 45 एमएम बारिश होने पर कई किसान बुवाई भी करते हैं. लेकिन जोधपुर में ऐसी क्षेत्र हैं जहां निर्धारित आकलन के अनुरूप बारिश इस बार नहीं हुई है. जिसके चलते जो सही समय के अनुरूप बुवाई होनी चाहिए थी. उसमें भी काफी दिक्कतें आई है और जो अब तक की बुवाई हो चुकी है और जो छोटी अवस्था के प्लांट्स है वह भी बारिश की कमी और क्लाइमेट में मुरझा रहे हैं. अगले दो से तीन दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है और कई बार मौसम विभाग की भविष्यवाणी थी वेदर और हवा के अनुरूप आंशिक रूप से बदल भी जाता है. लेकिन एक बात कर सकते हैं कि अभी बारिश होने की संभावना है. क्योंकि अभी प्रेडिक्शन है और मानसून सीजन का एक महीना ही बीता है और अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश होने से किसानों को भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ेंः बारिश के मौसम में मवेशियों की मौत बनी चिंता का विषय, एक ही जिले से 3 दिन में 19 की मौत