
Asaram Bapu Bail Plea Rejected: नाबालिग शिष्यों से रेप के केस में जेल में बंद कथावाचक आशाराम बापू को राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने आशाराम बापू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. आसाराम की ओर से उनके वकील ने कथावाचक के उपचार के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में जमानत की याचिका लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने जमानत आवेदन को खारिज कर दिया है. न्यायाधीश विजय विश्नोई और न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ के समक्ष आसाराम की ओर से उपचार के लिए जमानत देने का आवेदन किया था जिस पर सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया.
आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने पैरवी करते हुए आसाराम का पक्ष रखा. जिसमें कहा गया कि आसाराम की वर्तमान में 85 साल की उम्र हो गई है और पिछले 11 साल से लगातार जेल में है. पिछले तीन चार माह से लगातार उनको ह्दय रोग की शिकायत हो रही है. दो बार एम्स अस्पताल में भर्ती भी करवाया गया है. एम्स के चिकित्सकों ने एंजियोप्लास्टी का सुझाव देते हुए जोखिम भी बताए थे.
महाराष्ट्र में इलाज के लिए जमानत मांग रहे थे आसाराम बापू
जोखिम को देखते हुए आसाराम जोधपुर एम्स में उपचार नहीं करवाना चाहते है. ऐसे में आसाराम के जोखिम को देखते हुए पता लगाया तो महाराष्ट्र के माधवबाग में अस्पताल जहा से बिना किस सर्जरी के ह्रदय रोग के मरीजों का उपचार किया जाता है. ऐसे में आसाराम का उपचार भी माधवबाग महाराष्ट्र में आसाराम का उपचार करवाना चाहते है. जिसके लिए सजा के आदेश को स्थगित करते हुए जमानत दी जाए. ताकि उनका उपचार करवाया जा सके.
पुलिस कस्टडी में इलाज कराने को तैयार नहीं थे आसाराम बापू
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल जोशी ने कहा कि आवेदनकर्ता कहीं और उपचार करवाना चाहता है, तो पुलिस कस्टडी में उपचार करवाने के लिए तैयार है. जिसका खर्चा भी उनको वहन करना होगा. इस पर कोर्ट ने आसाराम के अधिवक्ताओ से इसके बारे में जवाब मांगा था.
आसाराम की ओर से जो जवाब पेश किया, जिसमें वो पुलिस कस्टडी में उपचार को लेकर तैयार नहीं है. ऐसे में कोर्ट ने आसाराम की ओर से पेश उपचार के नाम पर जमानत को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आवेदनकर्ता आसाराम पुलिस कस्टडी में उपचार करवाने के लिए इच्छुक नही है तो फिर अपील पर नियमित सुनवाई की जाएगी.
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