
Farmers Protest in Jaisalmer: जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में किसानों द्वारा सिंचाई पानी की मांग को लेकर धरने पर हैं. किसान इंदिरा गांधी नहर की 1458 आरडी पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. गौरतलब है कि नहरी अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलें तबाह हो रही हैं. किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने को लेकर पिछले तीन दिनों से जीरो हैड पर किसानों का महापड़ाव जारी है.
पर्याप्त पानी नहीं छोड़ने का आरोप
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से नहरों में बहुत कम पानी छोड़ा जा रहा है. जीरो हैड से निकलने वाली मुख्य नहरों के साथ ही छोटी माइनरों में भी पानी नहीं छोड़ा गया है. जिससे किसानों के सामने रबी की फसलों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है. रबी की फसलों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत रहती है.
किसानों के सामने पानी को लेकर सबसे बड़ी समस्या होने के बावजूद जैसलमेर के नहरी किसानों का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है. जनप्रतिनिधियों द्वारा पानी की मांग कर रहे किसानों की सुध तक नहीं ली जा रही है. जिससे नहरी विभाग के अधिकारियों के हौंसले बुलंद है. जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने से नहरी अधिकारी भी अपनी मनमर्जी कर रहे है. जिससे जैसलमेर के किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है.
सरकार के नहीं कर रही है कोई प्रयास
राजस्थान को पहले ही जरूरत के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार कोई प्रयास नहीं कर रही है. राजस्थान के हिस्से का पानी पंजाब में दिया जा रहा है. इसके बाद जैसलमेर के किसानों के हक का पानी गंगानगर व बीकानेर में दिया जा रहा है. जिससे जैसलमेर के किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. नहरी अधिकारियों द्वारा हर बार पर्याप्त पानी देने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन किसानों को आज तक पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया है.

नहर में पानी की समस्या की अनदेखी को लेकर महापड़ाव करते किसान
नहरों पर कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही का आलम है कि किसनहर में कितना पानी चलना चाहिए और कितना चल रहा है. इसकी जानकारी तक अधिकारियों को नहीं है. इसके अलावा नहरी अधिकारियों को नहर की मॉनिटरिंग का भी जिम्मा है. लेकिन वे इस ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं. ऐसे में किसानों की समस्याएं यथावत है. किसानों द्वारा मौके पर कार्यरत कर्मचारी को शिकायत की जाती है तो कर्मचारी अपने उच्चाधिकारी को समस्या बता रहे हैं.
नहरों में से पानी चोरी पर नहीं कोई संज्ञान
जिले में नहर 1120 आरडी से शुरू होती है. वहीं 1254 आरडी से जैसलमेर जोन शुरू होता है, लेकिन जैसलमेर की नहरों पर पानी चोर लगातार सक्रिय है. नहरी पानी चोर साइफन लगाकर व मोगे बांधकर पानी की चोरी करते हैं. नहरी विभाग के नाक के नीचे यह पूरा खेल चल रहा है. लेकिन इसके बावजूद पानी चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. अधिकारियों द्वारा ना तो पानी चोरी की मॉनिटरिंग की जा रही है और न ही पर्याप्त पानी छोड़ा जा रहा है.
नहरी किसानों के साथ हर साल यहीं होता है. किसानों द्वारा विरोध करने पर उन्हें पानी मिल जाता है. इसके बाद फिर से पुरानी व्यवस्था ही रह जाती है. किसानों को इस साल रबी की फसल से काफी सक्रिय है, लेकिन अब रबी की फसल में भी किसानों को नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है. पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों को रबी की फसल में करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाएगा.
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