Rajasthan News: राजस्थान करौली शहर के गौतम बुद्ध नगर, श्याम नगर और आदित्य नगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर वर्षों से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ मंगलवार (6 जनवरी) को नगर परिषद ने बड़ी कार्रवाई की. एसडीएम एवं कार्यवाहक आयुक्त प्रेमराज मीना की मांग पर और पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर कोतवाली थाना पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटवाया. इस दौरान कुछ महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई को अंजाम दिया.
गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र के मुख्य रास्ते एवं श्याम नगर पर लंबे समय से अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था. स्थानीय कॉलोनीवासियों का कहना था कि सड़क पर अतिक्रमण के चलते आवागमन में लगातार समस्या बनी रहती थी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं को भी आने-जाने में परेशानी होती थी. इसे लेकर कॉलोनीवासियों ने पूर्व में नगर परिषद और प्रशासन को कई बार शिकायतें दीं.
अनदेखी के बाद आखिरकार नगर परिषद ने सख्त रुख
स्थानीय निवासियों द्वारा कार्यवाहक आयुक्त प्रेमराज मीना को लिखित में ज्ञापन भी सौंपा गया था. ज्ञापन के बाद नगर परिषद की ओर से संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व में हिदायत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया. लगातार अनदेखी के बाद आखिरकार नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी, जेईएन दिनेश चांदा सहित भारी पुलिस जाप्ता, कालिका टीम सहित मौके पर मौजूद रहा.
महिलाओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक
कोतवाली थाना पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाली. जैसे ही जेसीबी और नगर परिषद की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, कुछ लोगों ने विरोध जताया. इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया.
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और सार्वजनिक मार्गों एवं नगर परिषद के मुख्य रास्तों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे. कार्रवाई के बाद मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारु हो गया, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली. कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि लंबे समय बाद उनकी समस्या का समाधान हुआ है.