Rajasthan News: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में नशे के काले धंधे पर बड़ा प्रहार हुआ है. एक सुनसान इलाके में छिपी हाई-टेक प्रयोगशाला को अधिकारियों ने धर दबोचा. इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया क्योंकि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि एक साधारण दिखने वाली जगह पर इतना खतरनाक खेल चल रहा होगा.
गुप्त सूचना पर छापा
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम को सुरजना गांव के एक एकांत घर में संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिली. ब्यूरो की तीन अलग-अलग टीमों ने चित्तौड़गढ़ सेल के साथ मिलकर चतुर योजना बनाई. उन्होंने जाल बिछाया और अचानक दबिश दी. अंदर का नजारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए. वहां कोई सामान्य मकान नहीं बल्कि नशीली दवाओं की पूरी फैक्ट्री चल रही थी.
जब्त सामान की लंबी सूची
छापे में टीम ने 107 ग्राम तैयार एमडीएमए पाउडर 3 किलो 961 ग्राम कच्चा माल एक किलो 826 ग्राम अल्प्राजोलम पाउडर और 200 किलोग्राम नशीले रसायन बरामद किए. ये अपराधी न सिर्फ ड्रग्स बेचते थे बल्कि खुद बनाते भी थे. तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल के अलावा प्रयोगशाला के आधुनिक उपकरण भी जब्त हुए.
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, साथी फरार
मौके से सोनू सिंह उर्फ अकबर नाम का व्यक्ति पकड़ा गया जो मध्य प्रदेश के मंदसौर का निवासी है. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पिछले छह महीनों से इस गुप्त लैब को संचालित कर रहा था. लेकिन वह अकेला नहीं था उसके कुछ साथी भी इस अपराध में शामिल थे जो फिलहाल फरार हैं. नारकोटिक्स ब्यूरो अब उनकी तलाश में जुटा है.
जांच के तीन बड़े सवाल
अधिकारियों की जांच अब तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है. पहला ड्रग्स बनाने का कच्चा माल कहां से आता था? दूसरा इस पूरे कारोबार की आर्थिक मदद कौन कर रहा था? और तीसरा यह जहर किन शहरों के तस्करी नेटवर्क तक पहुंचाया जा रहा था? इस ऑपरेशन ने ड्रग माफियाओं को झटका दिया है. चित्तौड़गढ़ की सीबीएन टीम अब इस गिरोह की हर कड़ी को उजागर करने में लगी है ताकि नशे का जाल पूरी तरह खत्म हो सके.
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