
Rajasthan Politics: राजस्थान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए मंत्री अविनाश गहलोत के दादी शब्द के इस्तेमाल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए माफी की मांग कर रहे हैं. उनके बीच मंगलवार को तीन दौर की वार्ता के बाद समझौता भी हो गया था लेकिन इसके बाद फिर हंगामा शुरू हो गया और दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर समझौते में तय हुई बातों पर अमल नहीं करने के आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस ने गतिरोध दूर करने के लिए अब सरकार के सामने दो शर्तें रखी हैं और कहा है कि अगर सत्ता पक्ष इन्हें मान लेता है तो बजट सत्र की आगे की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकती है.
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रफीक खान ने एनडीटीवी के साथ एक परिचर्चा में इन दो शर्तों का ज़िक्र किया. इस परिचर्चा में राजस्थान के शहरी विकास मंत्री (यूडीएच मंत्री) झाबर सिंह खर्रा के साथ गतिरोध पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा. पिछले सप्ताह शुक्रवार (21 फरवरी) को रफीक खान के ही लखपति दीदी स्कीम को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री अविनाश गहलोत ने इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की थी जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया.
"कांग्रेस ने समझौते की सारी शर्तों का पालन किया"
रफीक खान ने कहा,"सदन चलने को लेकर जो समझौता हुआ उसमें मैं भी शामिल था. उसी का पालन करते हुए तीन दिन और तीन रात से धरना दे रहे हमारे विधायक वेल से उठकर अपनी सीटों पर चले गए. स्पीकर के कहने पर हमारे 6 निलंबित साथी विधायक सदन से बाहर भी चले गए. हमारे नेता प्रतिपक्ष ने भी बयान दिया. हमारे वरिष्ठ नेता डोटासरा जी ने भी खेद प्रकट किया."
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तो समझौते की सारी बातें मान लीं, लेकिन विपक्ष ने इनका पालन नहीं किया. उन्होंने कहा,"हमारी सिर्फ दो मांगें थीं. पहला, जिन मंत्री ने विवादित बयान दिया था वो माफी मांग लें. और दूसरा, जो हमारे 6 विधायकों का निलंबन है, उसे निरस्त किया जाए. यही समझौता हुआ था. हमने सब बातें मान लीं, इन्होंने एक भी बात नहीं मानी."
"स्पीकर हमारे प्रदेश अध्यक्ष को अपमानित करना चाहते हैं"
परिचर्चा में शामिल यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्वीकार किया कि कांग्रेस ने समझौते की कुछ शर्तों का पालन किया, लेकिन उन्होंने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा ने समझौते के मुताबिक तय तरीके से खेद प्रकट नहीं किया जिसके बाद बात बिगड़ती चली गई.
लेकिन कांग्रेस नेता रफीक खान ने इस बात से इनकार करते हुए बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह उनके पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को अपमानित करना चाहती है. उन्होंने कहा,"डोटासरा जी ने जो कहा उसका आशय खेद प्रकट करने का ही था, लेकिन बीजेपी चाहती थी कि उनसे कुछ खास शब्द बुलवाए जाएं जो संभव नहीं है.स्पीकर हमारे प्रदेशाध्यक्ष को अपमानित करना चाहते हैं, ये नहीं चलेगा."
दोनों नेताओं ने कहा कि वो गुरुवार को गतिरोध दूर करने के लिए फिर से बातचीत करने के लिए तैयार हैं.
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