
Rajasthan News: राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार सुबह अंतिम संस्कार करने से रोकने पर दो पक्ष आमने-सामने हो गए. हल्की झड़प के बाद पीड़ित पक्ष अर्थी के साथ प्रदर्शन करने बैठ गया. लोग खातेदार भूमि पर अंतिम संस्कार करना चाहते हैं. लेकिन पक्ष ऐसा करने से उन्हें रोक रहा है. इस विवाद की जानकारी जैसे ही मेहंदीपुर बालाजी थाना पुलिस को लगी तो एक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. फिलहाल लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है.
'श्मशान भूमि खरीदकर फसल बुवाई'
जानकारी के अनुसार, डेहरा की ढाणी उदयपुरा में भूरमल सैनी (35) की बीमारी के कारण मौत हो गई थी. आज सुबह परिजन उसका शव लेकर गांव में स्थित एक भूमि पर अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ लोगों ने जमीन विवाद के चलते उन्हें अंतिम संस्कार करने से रोक दिया. हरिओम सैनी का कहना है यह हमारी खातेदारी भूमि है, जिसमें फसल बुवाई हुई है. लेकिन जबरदस्ती ये लोग मुर्दा जला रहे हैं. यह हमारी खातेदारी भूमि है. इसमें पहले श्मशान था. यह भूमि हमने खरीद ली है. इस पक्ष ने पूर्व से हमारी 5 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है. इस भूमि पर भी कब्जा करना चाहते हैं.
'लाठी-डंडे-हथियार लेकर घूम रहे लोग'
वहीं पीड़ित विश्राम सैनी ने बताया कि यह विवाद श्मशान भूमि को लेकर यह विवाद उपजा है. जब से उदयपुरा ग्राम पंचायत बसी है, तब से हमारे पूर्वज का श्मशान घाट इसी जगह है. यह विवादित जमीन इस पक्ष ने खरीदा ली है. अब हमें यह लोग मुर्दा जलाने नहीं दे रहे हैं. लाठी डंडे लेकर यह लोग खेत में घूम रहे हैं. इन लोगों के पास हथियार हैं. ये लोग शव का अंतिम संस्कार करने नहीं दे रहे हैं. मेहंदीपुर बालाजी थाना पुलिस आई और उन्होंने समझौता कराने का प्रयास भी किया, लेकिन ये लोग नहीं मान रहे हैं.
पुलिस ने क्या कहा?
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए थानाधिकारी गौरव प्रधान से मोबाइल से संपर्क किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ.
ये भी पढ़ें:- कहां खुलेगी जिला अदालत? आमने-सामने आये बहरोड़ और कोटपूतली, आज कोटपूतली में रहे बाज़ार बंद