
Parliament Security Break: बुधवार को लोकसभा में जीरो आवर (शून्यकाल) के दौरान विज़िटर गैलरी से दो व्यक्ति सदन में कूद गए थे. दोनों ने एक छोटे कनस्तर से पीले रंग का धुआं छोड़ा. सदन में नारे भी लगाए. ये प्रदर्शनकारी स्पीकर की कुर्सी तक जाने की कोशिश कर रहे थे, इसी बीच कुछ सांसदों ने इन्हें पकड़ लिया. उनकी पिटाई की और बाद में सुरक्षाबलों को सौंप दिया. इन्हीं आरोपियों में से एक ललित झा का डीडवाना जिले से भी कनेक्शन सामने आया है.
डीडवाना के होटल में बिताई थी रात
संसद घटना का आरोपी ललित दिल्ली से भाग कर सीधा डीडवाना के कुचामन सिटी पहुंचा था. जहां उसने अपने एक दोस्त के सहयोग से निजी होटल में रात बिताई और दूसरे दिन सुबह वापस निकल गया. बताया जा रहा है कि ललित ने दिल्ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है.
ललित ने जोड़ा था सभी को सोशल मीडिया से
हालांकि इस मामले में स्थानीय पुलिस कुछ भी कहने से इनकार कर रही है. स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह पूरा मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम कर रही है. आपको बता दें कि संसद में घुसपैठ के मामले में ललित मोहन झा नामक युवक मास्टरमाइंड है. आरोप है कि ललित ने ही सभी आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए साथ जोड़ा था और फिर संसद में स्मोक बम फोड़े थे.
पुलिस के सामने किया सरेंडर
सूत्रों के अनुसार घटना के तुरंत बाद ललित दिल्ली से फरार हो गया था और सीधा राजस्थान के डीडवाना जिले के कुचामन पहुंचा, जहां वह अपने एक दोस्त महेश कुमावत के जरिए निजी होटल में पहुंचा और रात बिताई. लेकिन उसे पता था कि दिल्ली पुलिस उसकी तलाश कर रही है तो अगले दिन वह महेश कुमावत के साथ वापस दिल्ली पहुंच गया, जहां उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.
उनके साथ महेश का एक साथी कैलाश कुमावत भी था, जिसे दिल्ली पुलिस ने डिटेन कर लिया है. फिलहाल यह आरोपी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में है.
महेश की भूमिका की हो रही जांच
दिल्ली पुलिस ने ललित के भागकर कुचामन आने और महेश नामक आरोपी के पास रुकने को लेकर स्थानीय पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन पूरा मामला क्या है और इन आरोपियों की संसद सुरक्षा मामले में क्या भूमिका है? इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस ही दे सकती है.
महेश और कैलाश कुमावत हैं दोस्त
स्थानीय पुलिस के पास किसी तरह का कोई इनपुट नहीं है. आपको बता दें कि महेश कुमावत और कैलाश कुमावत आपस में दोस्त हैं और कुचामन सिटी के पास पदमपुरा गांव के रहने वाले हैं. वे लोग सोशल मीडिया के जरिए ही ललित झा के संपर्क में आए थे.
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