Rajasthan News: किसानों को अन्न देवता कहा जाता है. लेकिन सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के सरूपगंज कृषि क्रय विक्रय सहकारी समिति में किसान खाद के लिए मोहताज हैं . भावरी और धनारी गांवों के किसान यूरिया खाद के लिए सुबह चार बजे लाइन लगे रहते है. यूरिया खाद के लिए पुरुष और महिलाओं की लंबी लाइन लगी रहती थी. खाद वितरण विभाग के अधिकारी तय समय के अनुसार कार्यालय और यूरिया खाद गोदाम खोला गया.
व्यवस्था को संभालने के लिए सरूपगंज थाने से पुलिस के जवान तैनात किए गए. पुलिस के समझाइश के बाद 11 बजे खाद वितरण करना चालू किया. किसानों ने यूरिया बैग के बारे में कार्यालय से संपर्क कर पूछा गया कि गाड़ी में यूरिया बैग कितने आए हैं ? किसानों ने बताया कि भावरी और धनारी गांव के किसानों के लिए 558 गाड़ी में यूरिया खाद बैग आए हैं.
किसानों में भारी आक्रोश देखा गया
वहीं भावरी ग्राम सेवा सहकारी कार्यालय व्यवस्थापक ने बताया कि यूरिया खाद 558 बैग कंपनी से आए हैं. यूरिया खाद बैग गाड़ी की बिल्टी 558 है. किसानों ने बताया कि सुबह गोदाम खोला गया तो भावरी ग्राम सेवा सहकारी के गोदाम में 558 की जगह 410 यूरिया खाद के बैग ही अंदर थे. किसान ने बैग को गिना तो मौके पर 410 ही थे. बैग कम होने से कुछ समय के लिये किसानों में भारी आक्रोश देखा गया.
''हमारे पास इसकी कोई जानकारी नहीं''
किसानों को पुलिस अधिकारियों ने समझाइश के बाद भावरी ग्राम सेवा समिति के व्यवस्थापक और भावरी कृषि प्रवेक्षक को किसानों ने गोदाम में पड़े 558 बैग की जगह 410 बैग की जानकारी लेने के लिए गोदाम में बुलाया लेकिन नहीं तो व्यवस्थापक और नहीं कृषि प्रवेशक देखने आए और न ही किसानों को संतुष्ट पूर्ण जवाब दिया. वहीं खाद को किसानों को वितरण किया गया. उन्होंने जानकारी दी कि आप सिरोही जिलाधिकारियों से इसकी जानकारी ले सकते है. हमारे पास इसकी कोई जानकारी नहीं है.
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