
Ganesh Chaturthi 2024: राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा के मनोकामना सिद्ध गणेश मंदिर में भक्तों की गहरी आस्था है. कहते हैं कि यहां जो भी मनोकामना मांगी जाती है, वह कभी पूरी नहीं होती. भक्त यहां आकर अपनी मनोकामना रजिस्टर में लिखते हैं और मनोकामना पूरी होने पर भगवान गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना कर लौट जाते हैं. कोटा जयपुर रोड स्थित गणेश पाल के नाम से प्रसिद्ध मनोकामना सिद्ध गणेश मंदिर रियासतकालीन है. करीब 900 सालों से एक ही परिवार इस मंदिर की सेवा कर रहा है. आज इस परिवार की 17वीं पीढ़ी मंदिर की सेवा में जुटी हुई है. राजस्थान के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से भी भक्त यहां आकर रजिस्टर में अपनी फरियाद लिखते हैं। मान्यता है कि फरियाद लिखते ही कुछ ही हफ्तों में गणपति के दरबार में मुराद पूरी हो जाती है.
पहले लगाते थे अर्जी, अब रजिस्टर में लिखते हैं मन्नत की डिटेल
मंदिर के पुजारी योगेंद्र कुमार गौतम बताते हैं कि पहले लोग शादी, नौकरी, संतान प्राप्ति, मकान, जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए हर बुधवार को गणेश जी के सामने अर्जी लगाते थे. अर्जी के साथ ही यहां रखी प्राचीन जाली पर धागा भी बांधते थे. मनोकामना पूरी होने पर आकर बताते थे. अब मंदिर में पिछले 25 सालों से व्यवस्था कर दी गई है कि यहां शादी, नौकरी, मकान, संतान प्राप्ति आदि के लिए अलग-अलग रजिस्टर रखे जाते हैं. इसमें शादी करने वाले लोग अपना बायोडाटा लिखते हैं.. जबकि अन्य लोग अपनी मनोकामना लिखते हैं. शादी के बाद श्रद्धालु जोड़े के साथ आते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं.
हर साल 5 हजार से ज्यादा लोग शादी की मांगने हैं मन्नत
कोटा के मनोकामना सिद्ध गणेश मंदिर में हर साल देशभर से 5 हजार से ज्यादा लोग शादी की मन्नत मांगने आते हैं. इन्हीं भक्तों में से एक राजेश रावल ने बताया कि उनके परिवार का सारा काम मनोकामना सिद्ध गणेश मंदिर से ही होता आया है. यहां आवेदन करने के बाद उनकी बेटी की नौकरी लग गई तो उन्होंने अच्छे परिवार में शादी के लिए गणेश जी से आवेदन किया. और उनकी बेटी की शादी बहुत अच्छे परिवार में तय हो गई है। गणेश जी की कृपा से ही हमारे सारे काम हो रहे हैं.