
Health News: हरी मूंग की दाल को शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि इसमें चिकन और मटन से भी अधिक प्रोटीन पाया जाता है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है.
पोषक तत्वों का भंडार
इस दाल में प्रोटीन के साथ फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन बी, बी6, फोलेट, कॉपर, जिंक और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि इसे सप्ताह में कम से कम दो से तीन बार अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.
मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती
हरी मूंग की दाल मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के टिशू को जल्दी मरम्मत करने में सहायता करते हैं.
पाचन में सुधार और कब्ज से राहत
फाइबर से भरपूर यह दाल पाचन तंत्र को ठीक रखती है और कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है. इसकी खासियत यह है कि यह आसानी से पच जाती है, जबकि नॉनवेज भोजन को पचने में अधिक समय लगता है. हृदय और कोलेस्ट्रॉल के लिए फायदेमंद, हरी मूंग की दाल में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखते हैं और हृदय को स्वस्थ बनाते हैं. यह दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करती है.
साधारण और स्वादिष्ट सेवन
इस दाल का सेवन बेहद आसान है. इसे नाश्ते में खिचड़ी के रूप में, सलाद में या फिर सामान्य दाल के रूप में खाने में शामिल किया जा सकता है. हरी मूंग की दाल न केवल प्रोटीन की कमी पूरी करती है, बल्कि पूरे शरीर को ऊर्जा और स्वास्थ्य का वरदान देती है. यह सरल, स्वास्थ्यप्रद और स्वादिष्ट विकल्प आपके भोजन को और बेहतर बना सकता है.
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