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This Article is From Jan 04, 2024

राजस्थान में टूट रही ऐतिहासिक हवेलियां, आधी रात मिनटों में तोड़ दी सालों पुरानी विरासत, लोगों में आक्रोश

​​​​​जिले में बाजार के बीच हेरिटेज हवेली तोड़ी गई. जिसका फतेहपुर में लोगों ने विरोध कर नारेबाजी की. लोगों ने इस सम्बन्ध में प्रशासन को ज्ञापन सौपां है. हवेली टूटने के लाइव वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं.

राजस्थान में टूट रही ऐतिहासिक हवेलियां, आधी रात मिनटों में तोड़ दी सालों पुरानी विरासत, लोगों में आक्रोश
हवेली को तोड़ने के बाद जर्जर इमारत
सीकर :

Rajasthan News: राजस्थान के सीकर जिले का फतेहपुर शहर को 'हवेलीयों का शहर' कहा जाता है. यहां की हवेलीयों पर भित्ती चित्रकारी देश-विदेशों मे फेमस है. जिन्हें देखने के लिए हजारों की संख्या मे पर्यटक फतेहपुर कस्बे में आते है. लेकिन अब मुख्य इलाकों में इन हवेलीयों को तोड़कर इनकी जगह मार्किट और कॉम्प्लेक्स बनायें जा रहे है. इसी कारण आज राजस्थान के सबसे पुरानें शहरों में शुमार फतेहपुर जो कि 572 साल पुराना है आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. 

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फतेहपुर कस्बे में बुधवार रात को सिकरिया चौराहें पर कैनरा बैंक के पास बाजोरिया कोठी को आधी रात को जब एलएनटी मशीन से तोड़ा गया तो पुरा इलाका धधक उठा. लोगों का आरोप है कि आधी रात को जब इस हवेली को तोड़ा तो कई बिजली के पोल भी टूट गए और रात से बिजली गुल है.

एक तरफ सरकार विरासत को बचानें के नारे देती तो वहीं दूसरी ​तरफ प्रशासन को सूचना देनें के बाद भी इसे रोकने के लिए घंटो तक प्रशासन नही पहुचता है.

रात तीन बजे तक किया विरोध

लोगों के कहने पर नगर परिषद के कर्मचारी रास्ता खोलनें व नालियों से पत्थर हटानें में लग जाते हैं. लोगों ने कहा बड़ी ही  लापरवाही से हवेली को तोडा गया है. जिससे बड़ा हादसा भी हो सकता था. रात तीन बजे तक विरोध भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया.

विरासत पर कुल्हाड़ी चली

शहर के बीचों बीच हवेली तोड़ी गई. हवेलिया तोड़ने से करीब 200 मीटर दूर तक जमीन थर्रा उठी. लेकिन प्रशासन को भनक तक नहीं लगी. हवेलीयों के टुकड़े-टुकड़े होते रहे और जिम्मेवारों को भनक तक नहीं लगी. स्थानीय लोगों ने भूमाफियों और स्थानीय पार्षद के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया.

हवेली को तोड़

हवेली को तोड़ने के बाद ज्ञापन सौंपते स्थानीय लोग 

अकाल के समय बनाई गई थी हवेलियां

यह हवेलियां अकाल काल के समय बनाई गईं थीं. यह देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं. लेकिन धीरे-धीरे यह विरासत धराशाही होती जा रही है.

एक तरफ सरकार विरासत को बचानें के नारे देती है तो वहीं दूसरी ​तरफ प्रशासन को सूचना देनें के बाद भी वह इसे रोकने के लिए घंटो तक नहीं पहुंचता है. लोगों ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया है.

संरक्षण के अभाव में हुई जर्जर

हेरिटेज विरासत और उसके संरक्षण के लिए बने नियम-कानून की अनदेखी कर लोग लगातार हवेलियां तोड़कर उनकी जगह अपनी सुविधा के लिए  मार्केट बना रहे हैं. फतेहपुर मे भित्ति चित्र, हवेलियों की दीवारों से झांकती कला लुप्त होती जा रही है. जिला प्रशासन, नगर  परिषद , पुरातत्व विभाग  की जिम्मेदारी है कि वे हेरिटेज स्मारकों को संरक्षित करें. उनका जीर्णोद्धार करवाए. लेकिन अधिकारियों का जवाब होता है कि जिनकी निजी संपत्ति है. उन्हें रोक नहीं सकते और जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है उस हवेली को गिराना जरूरी है.

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