
Rajasthan News: राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों में एक कारण सड़क पर घूमते आवारा मवेशी भी है. जिनको रोकने के लिए सरकार सख्ती से कदम उठा रही है. इसी बीच कोटा शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए कोटा नगर निगम की ओर से एक बार फिर आवारा मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है.
लेकिन यह अभियान गोवंशों की जान पर भारी पड़ रहा है, क्योंकि नगर निगम की ओर से अभियान के तहत आवारा मवेशियों को पकड़कर जिन गौशालाओं में भेजा जा रहा है. वहां क्षमता से दुगने गोवंश हो जाने से अव्यवस्थाओं का आलम बढ़ता जा रहा है.
अपनी क्षमता से दोगुने गौवंश है गौशाला में
जिले की किशोरपुरा और बंदा धरमपुरा गौशाला में क्षमता से दुगने गोवंश होने के कारण वहां रह रहे गोवंशों को बहुत परेशानी हो रही है. वही गौशाला के अध्यक्ष लगातार जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि कोटा की बंदा धरमपुरा गौशाला के विस्तार के लिए जो भूमि आवंटित की गई है.

गौशालाओं मने क्षमता से अधिक मवेशी.
वहां पर गोवंशों के लिए तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि अभियान के तहत लगातार गौशाला में हो रही गोवंशों की बढ़ोतरी से गोवंशों की हो रही परेशानी को रोका जा सके. साथ ही इससे गोवंशों में मंडरा रहे बीमारियों के खतरे को भी रोका जा सकेगा.
मवेशियों से बढ़ रहे थे सड़क हादसे
आपको बता दें कोटा में सड़कों पर आवारा मवेशियों के आतंक के चलते कई बार सड़क दुर्घटनाएं सामने आई है. जिसमें कई लोगों की जान भी गई है. इसी के तहत कोटा नगर निगम ने यह अभियान चलाया है. जिसके तहत हर रोज आवारा मवेशियों की धरपकड़ की जा रही है. लेकिन गौशालाओं में गोवंशों को रखने के लिए जगह नहीं है. जिससे कोटा नगर निगम का अभियान गोवंशों की जान पर भारी पड़ रहा है.
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