Rajasthan News: राजस्थान में कोटा शहर को और आकर्षक बनाने के लिए विकास प्राधिकरण ने प्रमुख बाजारों और सड़कों पर पुरानी शैली वाली हेरिटेज लाइट्स लगवाई थीं. इनका उद्देश्य रात में रोशनी फैलाने के साथ शहर की सुंदरता बढ़ाना था ताकि पर्यटक यहां ज्यादा रुकें और घूमें. लेकिन अब कई जगहों पर ये लाइट्स गायब हो गई हैं.
चौराहों और गलियों में सिर्फ खाली बिजली के पोल खड़े हैं जो बताते हैं कि यहां कभी चमक हुआ करती थी. स्थानीय निवासियों का कहना है कि चोरियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं और यह लगातार हो रहा है.
प्रशासन की शिकायत पुलिस में, जांच शुरू
कोटा विकास प्राधिकरण ने इन चोरियों पर सख्ती दिखाते हुए पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है और कुछ इलाकों में छानबीन चल रही है. फिर भी चोरियां थम नहीं रही हैं जिससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है.
एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि पहले इन लाइट्स से बाजार रात में जगमगाते थे और ग्राहक देर तक आते थे. अब अंधेरा छाया रहता है जिससे चोरी का डर भी बढ़ गया है. प्राधिकरण की आयुक्त ने कहा कि इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से देखा जा रहा है. पुलिस ने कुछ कार्रवाई की है और अब प्राधिकरण की अपनी सुरक्षा टीम को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों.
पर्यटन सिटी का सपना अधर में, सुरक्षा पर सवाल
कोटा लंबे समय से खुद को पर्यटन शहर के रूप में विकसित करने की बात करता रहा है. चंबल नदी के किनारे रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट हेरिटेज स्थलों का विकास और स्मार्ट सिटी योजनाएं चल रही हैं. लेकिन जब बुनियादी सुंदरता बढ़ाने वाली लाइट्स की ही सुरक्षा नहीं हो पा रही तो ये दावे हवा-हवाई लगते हैं.
लाखों रुपये की इन लाइट्स का गायब होना न सिर्फ शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर उंगली उठाता है बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशों पर भी सवाल खड़े करता है. अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस पर है कि वे मिलकर इस समस्या पर कितनी मजबूती से काबू पा सकेंगे. अगर जल्दी कदम नहीं उठाए गए तो कोटा की रातें और ज्यादा अंधेरी हो सकती हैं और पर्यटकों का आना कम हो सकता है.
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