Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति के युवा नेता और लाडनूं से दूसरी बार के विधायक मुकेश भाकर (Mukesh Bhakar) अब अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. 9 मार्च की तारीख तय हो चुकी है और कार्ड बंटने शुरू हो गए हैं. इस शादी की सबसे खास बात यह है कि दूल्हा राजनीति के अखाड़े का माहिर खिलाड़ी है, तो दुल्हन न्याय की कुर्सी पर बैठकर फैसला सुनाती हैं. मुकेश भाकर की होने वाली पत्नी कोमल मीणा (Komal Meena) राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) की अधिकारी हैं. साल 2019 में अपनी मेहनत से जज बनीं कोमल फिलहाल न्यायिक पद पर तैनात हैं और दौसा के खुर्रा गांव की रहने वाली हैं.
राहुल गांधी के राजस्थान दौरे और फेरों का 'क्रेजी' कनेक्शन
इस शादी का राजनीतिक तापमान तब बढ़ गया जब मुकेश भाकर ने खुद दिल्ली जाकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को निमंत्रण पत्र सौंपा. इत्तेफाक देखिए, जिस दिन यानी 9 मार्च को मुकेश भाकर के घर शहनाई गूंजेगी, उसी दिन राहुल गांधी का श्रीगंगानगर में किसान सम्मेलन प्रस्तावित है. सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि क्या राहुल गांधी अपने इस चहेते युवा विधायक को आशीर्वाद देने शादी समारोह में शिरकत करेंगे? इसके अलावा, मुकेश भाकर ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें सप्रेम आमंत्रित किया है.
देश में साधारण व गैर-राजनीतिक परिवारों से आने वाले युवाओं की आवाज़ को बुलंद करने वाले आदरणीय राहुल गांधी जी से मुलाक़ात कर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
— Mukesh Bhakar (@MukeshBhakar_) February 27, 2026
उनका स्नेह, प्रेरणा और विश्वास हम जैसे अनगिनत युवाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत है।@RahulGandhi pic.twitter.com/bvNxAPh9bH
जाति की दीवारें तोड़कर पेश की सामाजिक मिसाल
यह शादी सिर्फ दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि राजस्थान के सामाजिक ताने-बाने में एक प्रगतिशील बदलाव का संकेत भी है. जाट समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मुकेश भाकर और मीणा समुदाय से आने वाली कोमल मीणा का यह अंतरजातीय विवाह प्रदेश में सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिख रहा है. छात्र राजनीति की तपिश से निकलकर विधानसभा तक पहुंचे मुकेश भाकर ने इस फैसले से यह साबित कर दिया है कि युवा नेता सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि अपने एक्शन से भी समाज को नई दिशा दे सकते हैं.
छात्र राजनीति के 'हीरो' से दूल्हा बनने तक का सफर
मुकेश भाकर की पहचान राजस्थान कांग्रेस के एक ऐसे नेता की रही है, जो युवाओं की आवाज उठाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. लाडनूं की जनता के बीच उनकी पैठ और छात्र राजनीति के दिनों से उनकी बेबाकी ने उन्हें खास बनाया है. अब 9 मार्च को होने वाला यह भव्य समारोह न केवल दो दिलों का मिलन होगा, बल्कि इसमें राजस्थान की राजनीति और न्यायपालिका के दिग्गजों का जमावड़ा भी देखने को मिलेगा.
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