Health News: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में प्रदूषण धूप तनाव और गलत खानपान का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है. कम उम्र में ही झुर्रियां एज स्पॉट्स दाग धब्बे और रूखी त्वचा आम समस्या बनती जा रही है. ऐसे में लोग केमिकल प्रोडक्ट्स की जगह अब प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं.
आयुर्वेद में मोरिंगा का खास स्थान
आयुर्वेद में मोरिंगा को शोभांजन कहा जाता है. इसके पत्ते फल छाल और बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. खासतौर पर मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार यह तेल शरीर के अंदर और बाहर दोनों स्तर पर काम करता है और त्वचा के दोषों को संतुलित करता है.
पोषक तत्वों का खजाना
अंतरराष्ट्रीय शोधों के अनुसार मोरिंगा तेल में ओलिक एसिड विटामिन ए सी और ई फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट एंटी एजिंग एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा को भीतर से स्वस्थ बनाते हैं और उम्र के असर को धीमा करते हैं.
एज स्पॉट्स पर कैसे करता है काम
चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे और एज स्पॉट्स अक्सर फ्री रेडिकल्स धूप और कोलेजन की कमी के कारण होते हैं. मोरिंगा तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं. वहीं विटामिन सी कोलेजन के निर्माण में मदद करता है जिससे त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है और धब्बे धीरे धीरे हल्के होने लगते हैं. हल्के हाथों से नियमित मसाज करने पर इसका असर और बेहतर होता है.
पित्त दोष संतुलन में सहायक
आयुर्वेद में एज स्पॉट्स को पित्त दोष के असंतुलन से भी जोड़ा जाता है. मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं. इससे पिगमेंटेशन की समस्या कम होती है और त्वचा का रंग निखरता है.
अन्य त्वचा समस्याओं में भी लाभ
मोरिंगा तेल मुंहासों जलन एलर्जी रूखापन और सन डैमेज में भी फायदेमंद माना जाता है. यह त्वचा की प्राकृतिक नमी बनाए रखता है जिससे त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है. नहाने के बाद या रात को सोने से पहले चेहरे पर कुछ बूंदें लगाने से बेहतर परिणाम मिलते हैं.
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