भारत में पिछले कई वर्षों से विभिन्न उद्देश्यों के लिए आधार कार्ड का प्रयोग किया जा रहा है. अक्सर होटलों में ठहरने के लिए, किसी हाउसिंग सोसायटी में प्रवेश के लिए, या किसी आयोजन में हिस्सा लेने के लिए आधार कार्ड की कॉपी मांगकर पहचान की पुष्टि की जाती है. लेकिन, ऐसे में आधार के दुरुपयोग होने का ख़तरा रहता है. इसी को ध्यान में रखकर सरकार अब नए तरह के आधार कार्ड को लागू करने पर विचार कर रही है.
UIDAI लागू करेगी नया नियम
आधार पहचान पत्र जारी करने वाली संस्था UIDAI (Unique Identification Authority of India) के सीईओ भुवनेश कुमार ने जानकारी दी है कि दिसंबर से एक नया नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है. भुवनेश कुमार ने कहा,"यह विचार किया जा रहा है कि हर जानकारी को कार्ड पर देने की क्या ज़रूरत है. कार्ड पर सिर्फ तस्वीर और एक क्यूआर कोड ही होना चाहिए. अगर ऐसे ही कार्ड प्रिंट किए जाते रहे तो जो लोग इनका दुरुपयोग करना जानते हैं, वे इसका दुरुपयोग करते रहेंगे."
ऐड्रेस और मोबाइल नंबर अपडेट करना आसान
UIDAI ने बैंकों, होटलों, फिनटेक कंपनियों आदि के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है. इसमें उन्हें बताया गया है कि आधार का एक नया ऐप बनाया जा रहा है जो जल्दी ही लागू होगा. इस ऐप से यूज़र खुद ही अपना पता या ऐड्रेस की पुष्टि करनेवाले दस्तावेज़ अपडेट कर सकते हैं. साथ ही, वह अपने घर के सदस्यों के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे जिनके पास मोबाइल फ़ोन नहीं है. साथ ही, इससे मोबाइल नंबर भी अपडेट किया जा सकेगा.
ऑफलाइन भी चलेगा ऐप
UIDAI अधिकारियों ने यह भी बताया कि नए ऐप पर ऑफलाइन सत्यापन की भी सुविधा होगी और दूर-दराज के इलाकों में बिना इंटरनेट के भी पहचान की पुष्टि की जा सकेगी. बैठक के दौरान बताया गया कि नए ऐप से फेस वेरिफिकेशन के माध्यम से ऑफलाइन वेरिफिकेशन या पेपरलेस पहचान के सत्यापन का विकल्प मिल सकेगा.
नए ऐप से होटलों मे चेक-इन, आयोजनों और सिनेमा हॉल में एंट्री के अलावा छात्रों के वेरिफिकेशन और ऐसे उत्पादों को खरीदने में भी सुविधा मिलेगी जिनके लिए न्यूनतम 18 साल का होना अनिवार्य होता है.
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