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This Article is From Jan 06, 2024

कुत्ते का शिकार कर भागते समय फंदे में फंसा तेंदुआ, 2 घंटे बाद वन विभाग ने किया ट्रैंकुलाइज

कुम्भलगढ़ में पैंथर ने बस्ती में जाकर कुत्ते का किया शिकार कर लिया. वहीं जब पैंथर ने वहां से भागने की कोशिश की तो उसका पैर फंदे में फंस गया.

कुत्ते का शिकार कर भागते समय फंदे में फंसा तेंदुआ, 2 घंटे बाद वन विभाग ने किया ट्रैंकुलाइज
पैंथर को ट्रेंकुलाइज कर उसे अस्पताल ले जाते वनकर्मी
राजसमंद:

Kumbhalgarh Tiger Reserve: राजस्थान के मेवाड़ में स्थित कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व टाइगर और पैंथरों के लिए प्रसिद्ध है. यह टाइगर रिज़र्व एरिया राजसमंद जिले के अंतर्गत आता है. मगर यहां चर्चा का कारण सुखद न होकर दुखद है. क्योंकि यहां आए दिन पैंथरों की मानव और अन्य जंगली जानवरों के साथ संघर्ष की खबरें आती रहती है. हाल ही में कुंभलगढ़ क्षेत्र के केलवाड़ा से चारभुजा मार्ग स्थित गंगलाया कालबेलिया बस्ती में एक पैंथर शनिवार को आ गया. जहां पर कालबेलिया बस्ती के पास में घर के बाहर एक कुत्ते का शिकार पैंथर ने कर लिया. लेकिन वापस भागते वक्त वह एक फंदे में फंस गया.

बस्ती में रहने वाले लोगों ने वन विभाग को इस विषय में सूचना दी तो राजसमंद से ट्रेंकुलाइज के लिए टीम तत्काल मौके पर पहुंची और उस पैंथर का इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अब उसके इलाज के बाद ही उसे जंगल में छोड़ा जाएगा.

पैंथर देखने के लिए लोग जुटे 

वही पैंथर के गांव में आने की सूचना के बाद से कई लोग वहां इकट्ठा हो गए और पैंथर देखने के लिए पहुंच गए. हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग ने सभी को वहां से दूरी बनाए रखने की अपील की जिसकी लोगों ने पालना की. कुंभलगढ़ क्षेत्र वन रेंज से जुड़ा हुआ है. ऐसे में कई जंगली जानवर पानी-पीने के लिए सड़कों पर निकल जाते हैं. जिस कारण यह आबादी बस्ती में भी आजकल आने लग गए हैं.

कुम्भलगढ़ टाइगर रिज़र्व

कुम्भलगढ़ टाइगर रिज़र्व

2 घंटे का इंतजार कर 5 मि. में टीम ने किया ट्रेंकुलाइज

यह पैंथर करीब 9:00 बजे बस्ती में पहुंचा था. इसके बाद से स्थानीय वन विभाग की टीम यहां 10:00 बजे पहुंची. जहां से ट्रेंकुलाइज के लिए राजसमंद टीम को फोन किया गया और लगभग 2 घंटे के इंतजार के बाद पैंथर करीब 5 मिनट में ट्रेंकुलाइज हुआ.

अभी पैंथर राजसमंद चिकित्सालय में है 

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैंथर को फिलहाल मेडिकल जांच के लिए राजसमंद चिकित्सालय भेजा गया है. जहां फिलहाल 24 घंटे डॉक्टर और वन विभाग के अधिकारियों की ऑब्जर्वेशन में इसे रखा जाएगा. यदि यह स्वस्थ पाया गया तो इसे अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा. जहां इसका जीवन गुजर बसर हो सके.

राजस्थान में रणथंभौर, सरिस्का, मुकुन्दरा हिल्स, कुंभलगढ़ और रामगढ़ टाइगर रिजर्व हैं. कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी प्रसिद्ध है. यहां बड़ी संख्या में टाइगर, पैंथर, भालू सहित अन्य वन्यजीव हैं.

बीमारी न होने पर ही जंगल में

किसी तरह की कमी अथवा बीमारी पाए जाने पर उदयपुर भेज कर जूलॉजिकल पार्क में मेडिकल टीम के ऑब्जर्वेशन में इसका उपचार किया जाएगा. फिलहाल पैंथर के पकड़े जाने से बस्तीवासियों सहित आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.

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