
Rajasthan Politics: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अब तक सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम ऐलान नहीं किये हैं. ऐसे में दोनों पार्टियों में दल बदल का खेल जारी है. कांग्रेस खेमे से अब तक तो सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता बीजेपी का दामन थाम चुके हैं. हालांकि, बीजेपी से भी कुछ बड़े दिग्गज कांग्रेस में पाला बदल चुके हैं. अब एक और नाम सामने आया है जिससे बीजेपी को झटका लगेगा ही वहीं वसुंधरा राजे को भी बड़ा झटका लग सकता है.
दरअसल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रहलाद गुंजल के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा जोर शोर से हो रही है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार कई बातें कहीं जा रही है. जिसमें यह भी कहा जा रहा है कि प्रहलाद गुंजल की कांग्रेस से पूरी बात हो गई है. अब वह जल्द ही पार्टी ज्वाइन कर लेंगे.
वसुंधरा राजे के करीबी हैं प्रहलाद गुंजल
प्रहलाद गुंजल को वसुंधरा राजे का करीबी माना जाता है. हालांकि, वह विधासभा चुनाव 2023 में टिकट न मिलने से काफी नाराज हैं. बताया जाता है कि प्रहलाद गुंजल कोटा विधानसभा से टिकट लेने के लिए अपने धुरविरोधी ओम बिरला तक से मुलाकात की थी. क्योंकि कोटा से सारी चीजें फाइनल ओम बिरला के जरिए ही होती है. वहीं, उन्हें कोटा उत्तर से टिकट दिया गया लेकिन वह हार गए. वहीं, उन्होंने टोंक से टिकट की मांग की थी. लेकिन लगता है बीजेपी ने उन पर विश्वास नहीं जताया है.
कोटा से हो सकते हैं कांग्रेस प्रत्याशी
कहा जा रहा है कि प्रहलाद गुंजल को कांग्रेस कोटा से टिकट देने के लिए तैयार हो गई है. माना जा रहा है कि कांग्रेस को भी इसमें फायदा नजर आ रहा है. क्योंकि, कोटा लोकसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी ओम बिरला हैं. यानी दो धुर विरोधी की टक्कर होगी जबकि बीजेपी से आने के बाद प्रहलाद गुंजल को कुछ सपोर्ट उनके सपोर्ट्स का होगा और कांग्रेस के सपोर्ट से जीत तय हो सकता है. हालांकि, प्रहलाद गुंजल का कांग्रेस में विरोध भी हो सकता है. ऐसे में राह आसान नहीं होगी.
प्रहलाद गुंजल का कांग्रेस में विरोध की बड़ी वजह
प्रहलाद गुंजल के कांग्रेस में आने की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि प्रहलाद गुंजल का कांग्रेस में विरोध हो सकता है. क्योंकि प्रहलाद गुंजल वही बीजेपी नेता है जो चंबल रिवर फ्रंट के खिलाफ एनजीटी को रिपोर्ट दी थी. जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था. वहीं, मामला इतना बढ़ गया था कि तत्कालिक सीएम अशोक गहलोत चंबल रिवर फ्रंट के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का दौरा कैंसिल करना पड़ा था. वहीं, गुंजल ने सरकार पर काफी गंभीर आरोप लगाए थे. चंबल रिवर फ्रंट मामले की जांच अब भी चल रही है. जिसमें 1500 करोड़ रुपये के घपले का आरोप लगाया गया है.
बहरहाल, प्रहलाद गुंजल अगर कांग्रेस में शामिल होते हैं तो कोटा की सियासत में नया मोड़ देखने को मिलेगा. वहीं, प्रहलाद गुंजल को कांग्रेस में शामिल करने के लिए पार्टी को भी काफी समझौते करने होंगे. दूसरी ओर बीजेपी में ओम बिरला के लिए परेशानी बढ़ेगी. जबकि वसुंधरा राजे के कुनबे से एक और बड़ा नेता कम हो जाएगा.
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