Bharatpur News: भरतपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब चिकसाना थाना इलाके में सड़क किनारे अग्निवीर सैनिक का शव पड़ा मिला. अग्निवीर सैनिक 3 महीने बाद घर जा रहा था. उसका शव घर से करीब 3 किलोमीटर दूर पड़ा मिला. सिपाही के घरवालों का कहना है कि उसे किसी गाड़ी ने टक्कर मार दी थी. अग्निवीर सैनिक की पहचान पुष्पेंद्र के रुप में हुई, जो 3 साल पहले अग्निवीर योजना के जरिए सेना में भर्ती हुआ था और सियाचिन में पोस्टेड था. घटना के बाद घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में गमगीन माहौल है.
तीन महीने बाद छुट्टी लेकर लौट रहा था घर
अग्निवीर सैनिक के ताऊ शेर सिंह ने बताया कि पीपला गांव का रहने वाला उनका भतीजा पुष्पेंद्र (22) तीन साल पहले अग्निवीर स्कीम के तहत सेना में भर्ती हुआ था. वह तीन महीने बाद छुट्टी लेकर गुरुवार को घर लौट रहा था. कल (गुरुवार) शाम 7 बजे उसने अपने पिता विजय सिंह को फोन पर बताया था कि वह मथुरा पहुंच रहा है. उसने यह भी बताया था कि वह करीब डेढ़ घंटे में घर पहुंच जाएगा. यह जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग आधी रात तक पुष्पेंद्र के लौटने का इंतजार करते रहे.
खून से लथपथ झाड़ियों में मिला शव
वही जब पुष्पेंद्र रात 10 बजे तक घर नहीं लौटा तो उसका भाई रूपेंद्र, पिता विजय सिंह और गांव के कुछ लोग उसे ढूंढने के लिए निकल पड़े.सभी लोगों ने गांव के बस स्टैंड और आसपास के इलाके में उसे खोजा लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा. काफी देर खोजने के बाद जब सभी लोग गांव की तरफ आ रहे थे. तभी लोगों की नजर सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवक को शव दिखाई पड़ा.
पुलिस हर एंगल से करेगी जांच
गांव वाले डेड बॉडी के पास गए तो उन्होंने देखा कि आस-पास बहुत सारा खून बिखरा हुआ था. जब उन्होंने शव की पहचान की तो वह पुष्पेंद्र का निकला. गांव वाले उसे तुरंत RBM हॉस्पिटल ले गए जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पहले उसका पोस्टमॉर्टम करवाया और फिर परिवार वालों को सौंप दिया. मामले की जानकारी देते हुए पीपला चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार वालों ने कहा है कि यह एक रोड एक्सीडेंट था, फिर भी हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है.
पिता किसान है
मिली जानकारी के अनुसार पुष्पेंद्र की शादी नहीं हुई थी. उसका एक बड़ा भाई रूपेंद्र है, जिसकी पीपला बस स्टैंड के पास किराने की दुकान है. पुष्पेंद्र की एक 18 साल की छोटी बहन भी है, जिसकी शादी अभी नहीं हुई है. उसके पिता विजय सिंह किसान हैं.