
राजस्थान में राजनीतिक पार्टियों की तैयारियों के साथ प्रशासन ने भी चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी के मद्देनजर बांसवाड़ा संभाग के तहत आने वाले तीन जिलों बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में आने वाले बूथों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण लिया गया.
बांसवाड़ा संभाग के तीन जिलों में करीब 3000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें से 650 से अधिक क्रिटिकल बूथ चिन्हित किए गए हैं. जिन पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स सीएपीएफ (Central Armed Police Forces- CAPF) के पांच- पांच सशस्त्र जवान तैनात किए जाएंगे.
बूथ पर तैनात होंगे सशस्त्र जवान
बांसवाड़ा के पांच, डूंगरपुर के चार और प्रतापगढ़ के दो सहित 11 विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है. विधानसभा चुनाव के लिए बांसवाड़ा संभाग मुख्यालय से 58 कंपनियां बुलाया जाना प्रस्तावित है. इसमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में 21- 21 और प्रतापगढ़ में 16 कंपनी लगाया जाना प्रस्तावित है. सीएपीएफ की एक कंपनी में 70 से 80 सशस्त्र जवान तैनात होते हैं.

विधानसभा बूथों का निरीक्षण करते हुए
कमजोर, वंचितलोग दबाव मुक्त कर सकेंगे वोट
इसके साथ ही तीनों जिलों के मौजूदा जाप्ते के साथ बाहर से आने वाला पुलिस बल में 10000 पुलिसकर्मी चुनाव और मतगणना के लिए नियुक्त किए जाएंगे. बांसवाड़ा संभाग के डूंगरपुर जिले के आठ बूथ असुरक्षित माने गए हैं तो कुछ और प्रतापगढ़ से जुड़ने की संभावना है.
चार श्रेणियां में आने वाले असुरक्षित बूथ वे केंद्र माने जाते हैं जहां किसी जाति विशेष की दबंगई चलती हो और पिछले चुनाव में कमजोर वर्ग के लोगों को मतदान से वंचित किया गया हो साथ ही मतदान का प्रतिशत उन मतदान केंद्र पर कमजोर वर्गों का कम तथा दबंग लोगों के मतदाताओं का अधिक रहा हो.
इसके अलावा दबंग अथवा आपराधिक किस्म के लोगों द्वारा मतदाताओं को डराने धमकाने की पुरानी घटना और आगे की आशंका पर भी यह केंद्र वलनरेबल के रूप में चिह्नित किए गए हैं.
जिन बूथों पर झगड़ा और बूथ कैपचरिंग की वारदात होती रही है या पिछले चुनाव में किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में बहुत अधिक या बहुत कम वोट पड़े हो या जिन बूथों तक पहुंचाने का रास्ता मुश्किल हो वह क्रिटिकल बूथ माने गए हैं. उनकी सुरक्षा में सशस्त्र बल का जाप्ता लगेगा.
अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बनेंगे चेक पोस्ट
साथ ही बांसवाड़ा संभाग से लगती अन्य राज्यों की सीमा पर शराब और नकदी जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा 30 चेक पोस्ट लगाए जाएंगे तथा जिलों की भीतरी सरहदों पर भी 44 जगह पुलिस टीम में निगरानी में रहेगी इसके अलावा उड़नदस्तों स्टेटिक्स सर्विलांस टीम, क्यू आर टी, ई वी एम गार्ड्स सहित अन्य अधिकारी और जवान नियुक्त रहेंगे.
बांसवाड़ा संभाग पुलिस महानिरीक्षक एस परिमल ने बताया कि रेंज स्तर से विधानसभा चुनाव की तैयारी जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्लानिंग की जा रही है. सीआरपीएफ की पांच कंपनियां मिल चुकी हैं, फिलहाल 20 और कंपनियों की मांग की गई है.