
Rajasthan News: राजस्थान में 13 दिन बाद विधानसभा चुनाव 2023 के लिए वोटिंग होनी है. इसी के चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) जगह-जगह चुनावी सभाएं करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं. वे मीडिया से बातचीत में भी लगातार बोल रहे हैं कि, 'इस बार राजस्थान में रिवाज बदलेगा. हर 5 साल बाद सरकार बदलने वाली जनता इस बार कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाएगी. हमनें जिस तरह से योजनाओं को लागू किया है, उससे जनता की सहानुभूति कांग्रेस पार्टी के साथ है, और वह इस बार रिवाज बदलेगी.'
खरगे की एंट्री से बदलेगा रिवाज
अब जनता रिवाज बदलेगी या नहीं? यह तो 3 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणाम के साथ पता चलेगा. लेकिन जनता के मन की बात करते-करते मुख्यमंत्री भी अपनी राजनीति में रिवाज बदलने चल पड़े हैं. जी हां, अपने राजनीतिक करियर में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रिवाज बदलने जा रहे हैं. ऐसा पहली बार होगा कि जब कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नामांकन में शिरकत करेंगे. इतना ही नहीं, हर बार नामांकन के बाद मुख्यमंत्री की चुनावी सभा उनके पावटा स्थित चुनाव कार्यालय के पास होती थी. लेकिन इस बार यह रिवाज बदल रहा है और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ जोधपुर के राजकीय उम्मेद स्टेडियम में इस बार कांग्रेस की बड़ी रैली का आयोजन किया गया है, जिसमें जोधपुर शहर और ग्रामीण के विधायक प्रत्याशी शामिल होंगे.
चुनावी सभा की जगह भी बदली
आम तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान जोधपुर के उम्मेद स्टेडियम में कांग्रेस की बड़ी सभा होती है. लेकिन इस बार मुख्यमंत्री रिवाज बदलने जा रहे हैं. जोधपुर में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच में इस बात की चर्चा चल पड़ी है कि जिस तरह से जनता इस बार रिवाज बदलेगी तो मुख्यमंत्री अपने नामांकन व चुनावी सभा को लेकर रिवाज बदल रहे हैं. वैसे एक रिवाज है जो नहीं बदलेगा. वह है मुख्यमंत्री का अपनी बहन से आशीर्वाद लेने का, और पार्टी फंड के लिए चंदा लेने का. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नामांकन दाखिल करने से पहले अपनी बहन के घर जाएंगे, और वहां से उनका आशीर्वाद लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय जाकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे.
सीएम के 'खास' लड़ेंगे निर्दलीय
पहली बार यह भी देखने को मिल रहा है कि गृह नगर में जो कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के प्रति समर्पित भाव से सभी आदेशों की पालना करते थे, वह भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शायद यह रिवाज भी पहली बार ही बदला है, और सीएम अशोक गहलोत के खासमखास सिपहसालार दाएं और बाएं हाथ कहे जाने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं.
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