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Rajasthan Assembly Session: राजस्थान की राजनीति में भाजपा-कांग्रेस दो धूरी के समान है. दशकों से इन दोनों दलों के बीच सियासी जंग जारी है. प्रदेश के लोग भी हर पांच साल बाद सरकार बदलते हुए दूसरी पार्टी को सत्ता में बैठने का मौका देती है. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था. भाजपा स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम अपने पद की शपथ ले चुके हैं. बुधवार से शुरू हुए विधानसभा के पहले सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली. बुधवार को गैरहाजिर रहे कुछ विधायक कल भी शपथ लेंगे. लेकिन विधानसभा के चालू सत्र के बीच प्रदेश की सियासत से एक गजब की खबर सामने आई है.
अब इस सम्मानित पद पर भाजपा विधायक के निर्विरोध निर्वाचन की पूरी संभावना है. प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस भले ही एक-दूसरे को कोसते नजर आते हो, लेकिन इस पद के लिए कांग्रेस ने भाजपा को साथ दिया है. हम बात कर रहे हैं कि विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव की.
दरअसल स्पष्ट बहुमत का जनादेश मिलने के बाद भाजपा ने सीएम और डिप्टी सीएम के नाम का ऐलान करने के साथ विधानसभा अध्यक्ष के नाम का भी ऐलान कर दिया था. अजमेर के वरिष्ठ भाजपाई नेता वासुदेव देवनानी को भाजपा ने स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाया है. गुरुवार को चालू विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विधानसभा स्पीकर का चुनाव होना है.
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस ने वासुदेव देवनानी को अपना समर्थन दे दिया. बुधवार को शपथ ग्रहण के बाद वासुदेव देवनानी ने विधानसभाध्यक्ष के लिए नामांकन भरा. अशोक गहलोत ने देवनानी के नाम का प्रस्ताव दिया. गोविंद डोटासरा ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया.
ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष पद पर वासुदेव देवनानी निर्विरोध निर्वाचन होना तय माना जा रहा है. यहां बता दें कि राजस्थान में स्पीकर के निर्विरोध निर्वाचन की परिपाटी रही है.कल दोपहर 2.30 बजे विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन होगा.
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