
राजस्थान में भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में टिकट नहीं मिलने से पार्टी के कुछ नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने गुरुवार को कहा कि टिकट आवंटन का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया है. जोशी ने उम्मीद जताई कि पार्टी के बैनर तले सभी एक साथ आएंगे. हालांकि, कई निर्वाचन क्षेत्रों में टिकट वितरण को लेकर असंतोष सामने आया है.
जोशी ने कांग्रेस पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को अब तक के विज्ञापनों में मुख्यमंत्री की तस्वीरों को नहीं हटाने पर संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी का कानूनी प्रकोष्ठ मामले की जांच कर रहा है ताकि इस संबंध में आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की जा सके.
उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, “मैं कह सकता हूं कि सभी लोग परिवार के सदस्य हैं. यह स्वाभाविक है कि बहुत से लोग महत्वाकांक्षी होते हैं और कुछ के मन में भावनायें होती हैं, लेकिन सभी परिवार के सदस्य हैं.'' विधानसभा चुनाव में सांसदों को मैदान में उतारने के पार्टी के फैसले पर चित्तौड़गढ़ सीट से सांसद जोशी ने कहा कि सांसद भी पार्टी के कार्यकर्ता हैं.
उन्होने कहा, “भाजपा में कमल का निशान हमारा उम्मीदवार है. हम कमल के निशान के साथ विचारधारा लेकर चलते हैं. सांसद भी एक पार्टी कार्यकर्ता हैं, वह उसी क्षेत्र के निवासी हैं और वह कोई बाहर से नहीं हैं.” जोशी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले ही हार स्वीकार कर चुकी है. उन्होंने कहा ''कांग्रेस पार्टी निराशा में है और कांग्रेस पार्टी के बयान के अनुसार उन्होंने हथियार डाल दिए हैं.''
जोशी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने साढ़े चार साल में घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं किया और धरातल पर कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आदर्श आचार संहिता लागू होने से कुछ समय पहले ही बोर्डों में नियुक्तियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी. भाजपा नेता ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 21 सीटें भी नहीं जीत पाएगी.
ये भी पढ़ें - अब झुंझुनूं में भी भाजपा में बगावत, वरिष्ठ नेता राजेंद्र भांबू ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान