)
Rajasthan Election 2023: प्रदेश में विधानसभा चुनाव के सिर्फ 7 दिन बचे हैं, ऐसे में सभी राजनैतिक दल अब प्रचार में तेजी ला रहे हैं. कांग्रेस हो या बीजेपी, दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों का केंद्रीय नेतृत्व अब राजस्थान चुनाव पर पूरी तरह फोकस हो गया है. रविवार 19 नवंबर को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बूंदी और सीकर के दौरे पर आएंगे. राहुल गांधी हिंडोली में अशोक चांदना के समर्थन में बूंदी के गोठड़ा में जनसभा को सम्बोधित करेंगे तो वहीं सीकर की जनसभा में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा भी राहुल गाँधी के साथ मौदजूर रहेंगे.
राहुल बूंदी में कांग्रेस के उम्मीदवार हरिमोहन शर्मा के समर्थन में आमसभा को संबोधित करेंगे. इस जनसभा के साथ ही राहुल गांधी राजस्थान चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान का फिर एक बार शंखनाद करेंगे. मालूम हो कि यह राजस्थान में चुनाव की घोषणा के बाद राजस्थान की बूंदी सीट हॉटसीट में तब्दील हो चुकी है.
राजस्थान के बूंदी जिले की 3 विधानसभा सीटों (बूंदी सीट, केशवरायपाटन सीट, हिडोंली सीट) पर 26 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इनमें सबसे अधिक प्रत्याशी बूंदी सीट से हैं. यहां कांग्रेस-बीजेपी के साथ 12 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं सबसे कम 6 प्रत्याशी हिडोंली सीट पर हैं, जबकि दूसरे नंबर पर केशवरायपाटन सीट से 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं.
आज जन अधिकार की सशक्त ध्वनि श्री राहुल गांधी जी इन स्थानों पर #कांग्रेस_की7गारंटी से खुशियों का प्रसार करेंगे -
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 19, 2023
वीरों की इस भूमि पर आपका स्वागत है दिल से
आइए मिलकर लाएं #कांग्रेस_फिर_से@RahulGandhi pic.twitter.com/odAVesqNTB
बूंदी सीट पर मुकाबला
बूंदी में बीजेपी चौथी बार रिपीट करने की होड़ में है, तो वहीं हिडोंली में सीएम गहलोत के करीबी मंत्री अशोक चांदना और भाजपा के पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी को टक्कर दे रहे हैं. यहां पूरा चुनाव जातीय समीकरणों पर आधारित है. बूंदी सीट पर मुकाबला बीजेपी के अशोक डोगरा और कांग्रेस के हरिमोहन शर्मा के बीच है.
हिडोंली विधानसभा सीट
हिडोंली विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर है. यहां कांग्रेस सरकार में मंत्री और सीएम अशोक गहलोत के करीबी अशोक चांदना मैदान में हैं. चांदना पूर्व मंत्री और भाजपा के प्रभुलाल सैनी को टक्कर दे रहे हैं. यह सीट जातिगत समीकरणों को लेकर काफी विवादों में रही है.
यहां गुर्जर और माली वोट बैंक परिणाम को पलट सकता है. बूंदी सीट से भाजपा चौथी बार अपनी जीत सुनिश्चित करने की जुगाड़ में है, तो कांग्रेस पिछली हार का हिसाब बराबर करने और अपनी 'राज नहीं रिवाज' की नीति का अनुपालन करने की जुगत में है.
केशवरायपाटन सीट
वहीं केशवरायपाटन सीट से पिछली बार कांग्रेस से बागी बने उम्मीदवार ने भाजपा की जीत की राह के रोड़े को हटा दिया था. इस बार भी पिछली बार के चुनावी जीत को फिर से दोहराने की तैयारी चल रही है. यहां कांग्रेस के लिए कांग्रेस बागी पूर्व प्रत्याशी राकेश बोयत सबसे बड़ी चुनौती हैं. इस सीट पर कांग्रेस के बागी का लाभ भाजपा को मिलता रहा है.