Rajasthan News: राजस्थान का बहुप्रतीक्षित ड्रीम प्रोजेक्ट HRRL रिफाइनरी अब जल्द ही शुरू होने वाला है. करीब 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह आधुनिक रिफाइनरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देगी. इसकी पहली यूनिट चालू होने की मजबूत संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने इसका उद्घाटन कर सकते हैं. पाइपलाइन से कच्चे तेल की आपूर्ति का सफल परीक्षण हो चुका है. अब बस उद्घाटन तिथि की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.
प्रोजेक्ट का सफर और महत्व
यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. साल 2013 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के बीच 74 और 26 प्रतिशत की भागीदारी पर समझौता हुआ था. तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसकी आधारशिला रखी. फिर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्माण कार्य की शुरुआत की.
अब यह ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित होगा. सालाना 9 मिलियन मेट्रिक टन की उत्पादन क्षमता वाली यह रिफाइनरी सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत है क्योंकि इसकी जिम्मेदारी CISF को सौंपी गई है.
पेट्रो जोन और नए उद्योग
रिफाइनरी के साथ राजस्थान पेट्रो जोन भी स्थापित किया गया है जहां पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योग लगेंगे. RIICO युद्ध स्तर पर इस पर काम कर रहा है. उद्घाटन के साथ बोरावास और कलावा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं. यहां रिफाइनरी से निकलने वाले बायप्रोडक्ट पर आधारित कारखाने लगेंगे जो रोजगार के द्वार खोलेंगे.
रोजगार और युवाओं का उत्साह
इस प्रोजेक्ट से करीब 50 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां मिलने की उम्मीद है. पेट्रोकेमिकल उद्योगों से असीमित अवसर पैदा होंगे. स्थानीय युवाओं में इसकी वजह से जबरदस्त उत्साह है क्योंकि यह उनके भविष्य को रोशन करेगा. यह रिफाइनरी न सिर्फ ऊर्जा जरूरतें पूरी करेगी बल्कि राजस्थान को औद्योगिक हब बनाएगी.
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