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जल जीवन मिशन घोटाले मामले में पूर्व मंत्री के करीबी को मिली सुप्रीम कोर्ट से जमानत, राजस्थान हाई कोर्ट ने किया था इनकार

राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. जबकि राजस्थान हाई कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया था.

जल जीवन मिशन घोटाले मामले में पूर्व मंत्री के करीबी को मिली सुप्रीम कोर्ट से जमानत, राजस्थान हाई कोर्ट ने किया था इनकार

Rajasthan JJM Scam: राजस्थान के पूर्व जल आपूर्ति मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को कथित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में ईडी ने जुलाई महीने में गिरफ्तार किया था. वहीं जब राजस्थान हाई कोर्ट ने जमानत याचिका दायर की गई थी तो कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था. लेकिन अब संजय बड़ाया को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 दिसंबर) को जमानत दे दी है. कोर्ट ने इस मामले में कहा है कि आरोप अभी तय नहीं हुआ है.

बता दें, इस साल जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ाया को गिरफ्तार किया था, क्योंकि उसे जेजेएम मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसकी सक्रिय भूमिका का संकेत देने वाले सबूत और दस्तावेज मिले थे.

जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ ने बड़ाया की जमानत याचिका को इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए स्वीकार कर लिया कि आरोप अभी तय नहीं हुए हैं और ऐसे में मुकदमे के जल्द निपटारे की संभावना भी बहुत कम है.

राजस्थान हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया था इनकार

इससे पहले राजस्थान उच्च न्यायालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 45 का हवाला देते हुए बड़ाया को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसमें प्रावधान है कि किसी आरोपी को तभी जमानत पर रिहा किया जा सकता है, जब अदालत को यह विश्वास हो जाए कि आरोपी पर लगाए गए आरोपों का कोई दोष नहीं है और जमानत पर रहते हुए उसके कोई अपराध करने की संभावना नहीं है.

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस प्रवीर भटनागर की पीठ ने कहा था कि "रिकॉर्ड में इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि आरोपी ने अपने पिता के खाते में अन्य सह-आरोपियों से पैसे प्राप्त किए और जमीन खरीदने में भी इस रकम का 'गबन' किया." अपनी जांच के दौरान ईडी ने पाया कि संजय बड़ाया निजी ठेकेदारों और बिचौलियों के संपर्क में था और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों की ओर से रिश्वत ले रहा था. वह कथित तौर पर अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच पुल की भूमिका निभा रहा था. जांच में पता चला कि बड़ाया पूर्व पीएचईडी मंत्री महेश जोशी का दाहिना हाथ था और कार्यालय और उसकी फाइलों में हस्तक्षेप करता था.

ईडी ने इस मामले में पीयूष जैन और उसके पिता पदम चंद जैन और महेश मित्तल को भी गिरफ्तार किया था. इस साल सितंबर में शीर्ष अदालत ने मामले के अजीबोगरीब तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पीयूष जैन को जमानत दे दी थी.

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