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सरपंच के घोटाले की शिकायत के बाद अधिकारी को करनी पड़ी खुदकुशी, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

मृतक ललित कुमार ने कुछ दिन पहले ही सरपंच व तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था. पुलिस मामले में संदेहास्पद मानते हुए पूरे मामले की जांच कर रही है.

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सरपंच के घोटाले की शिकायत के बाद अधिकारी को करनी पड़ी खुदकुशी, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Rajasthan News: भ्रष्टाचार के खिलाफ राजस्थान सरकार लगातार मुहिम चला रही है. लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में भ्रष्टाचारियों की प्रताड़ना की वजह से अधिकारियों को जान तक गवानी पड़ रही है. ऐसा ही एक मामला राजस्थान के सीकर जिले में देखने को मिला है. जहां एक ग्राम विकास अधिकारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद खुदकुशी करनी पड़ी. अधिकारी ने खुदकुशी करने से पहले 8 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें अहम खुलासे किए गए है.

श्रीमाधोपुर के थोई थाना अंतर्गत चिपलाटा गांव के ग्राम विकास अधिकारी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. चीपलाटा पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी ललित कुमार ने अपने घर पर ही फांसी लगाई. पंचायती राज विभाग के लिए आज सुबह जब एक ग्राम विकास अधिकारी द्वारा फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया.

8 पन्ने का सुसाइड नोट बरामद 

इधर ललित कुमार ने सुसाइड करने से पहले अपने कमरे में 8 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मौके पर छोड़ा. जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. सुसाइड नोट में ललित ने चिपलाटा सरपंच तथा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है. 

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

परिजनों के द्वारा पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया. पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर सीएचसी थोई की मोर्चरी में रखवाया. ग्राम विकास अधिकारी ललित कुमार के सुसाइड करने के बाद थोई अस्पताल में काफी संख्या में परिजनों के साथ परिचित भी पहुंच गए और घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. साथ ही परिजनों का कहना है कि पहले मामले में लिफ्त आरोपियों की गिरफ्तारी हो उसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. 

मृतक ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट

मामलें की जानकारी के अनुसार मृतक ग्राम विकास अधिकारी ललित कुमार ने थोई थाने में तीन दिन पहलें सरपंच मनोज गुर्जर और तत्कालीन BDO नरेंद्र प्रताप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है. निदेशालय स्थानीय निधि अंकेक्षण की ऑडिट में 5 लाख 20 हजार 11 रुपए का वर्ष 2022 में  गबन करने का खुलासा हुआ है, जिसको लेकर मृतक ललित ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. 

धमकी मिलने से परेशान परिजन

परिजनों का कहना है कि मृतक ललित ने जब से रिपोर्ट दर्ज करवाई तब से अवसाद में चल रहा था. बार बार धमकियां मिलने के चलते उसने तनावग्रस्त होकर आत्महत्या की है. सूचना पर डिप्टी राजेंद्र सिंह, तहसीलदार लोकेंद्र सिंह मीणा भी थोई अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे. परिजनों के साथ अस्पताल में काफी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद है.

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