
Weather Today in Rajasthan: भारत में मानसून (Monsoon) जून में शुरू होकर सितंबर के आखिर तक धीरे-धीरे खत्म होने लगता है. लेकिन इस बार मानसून की विदाई में देरी हो रही है. इसके साथ ही प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात बन गए हैं. मौसम विभाग (IMD) ने 17 तारीख से राजस्थान (Rajasthan) के कुछ इलाकों में फिर से बारिश की संभावना जताई है. नए सिस्टम के चलते दो-तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा.
— मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) September 17, 2024
8 जिलों में जारी येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार 17 सितंबर को बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, करौली, प्रतापगढ़ और सवाई माधोपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही अभी तीस मिनट पहले ही मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (IMD, Jaipur) ने अगले तीन घंटों के लिए बूंदी, कोटा, झालावाड़, दौसा, टोंक और जयपुर संभाग के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इसके तहत इन जिलों के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश की संभावना है.
बीते 24 घंटों का तापमान
अगर बीते 24 घंटे के तापमान की बात करें तो दो दिन भारी नहीं रहने के कारण सोमवार को तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. प्रदेश में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लेकिन कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश हुई. इनमें सबसे ज्यादा 65 मिमी बारिश राजसमंद के नाथद्वारा में दर्ज की गई. हालांकि अभी मानसून की विदाई के आसार नहीं हैं. माह के आखिरी सप्ताह तक मानसून सक्रिय रह सकता है.
आगामी दिनों के मौसम का हाल
पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर बने गहरे दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में बारिश की संभावना और बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार 17, 18 और 19 सितंबर को राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है. 18 सितंबर को अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, करौली, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ और सवाई माधोपुर में भारी बारिश की संभावना है. कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है.
कब होगी प्रदेश से मानसून की विदाई
अगर प्रदेश में मानसून की विदाई की बात करें तो इसके आसार फिलहाल कम हैं. पिछले साल 2023 में भी राजस्थान 3 अक्टूबर को विदा हुआ था. लेकिन इस बार जयपुर मौसम केंद्र से मानसून कब विदा होगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. इस बार भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मानसून देरी से प्रदेश से विदा होगा. क्योंकि पूर्वानुमान के मुताबिक तीन दिन तक बारिश की संभावना है. वहीं अगर बीते सालों के आंकड़ों की बात करें तो 2001 से अब तक 2013 में मानसून की विदाई सबसे देरी से 17 अक्टूबर को हुई थी.
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