Today Rajasthan Weather: राजस्थान में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने वाला है। मौसम ने करवट ले ली है और इस सर्दी की पहली मावठ हो गई है. इससे राज्य में शुक्रवार को जयपुर सहित कई जिलों में हल्की बारिश हुई, जिससे ठंड में इजाफा हो गया. राजधानी जयपुर में सुबह कई इलाकों में फुहारें पड़ीं, सर्द हवाएं चलीं और घना कोहरा भी छाया रहा. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार पूर्वी राजस्थान के हिस्से भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक और भीलवाड़ा सहित आस पास के इलाकों में कोहरा जाने की संभावना जताई है.
फतेहपुर में शीतलहर जारी
मौसम विभाग की डेली रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में बारिश हुई और सर्दी के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की है. तापमान की बात करें तो राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 29.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सीकर के फतेहपुर में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, दर्ज प्रेक्षण के अनुसार राज्य में आर्द्रता की औसत मात्रा लगभग 31 से 73 प्रतिशत के मध्य दर्ज की गयी.
मुख्य जिलों का न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग की फोरकास्ट रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को अजमेर में 15.3 डिग्री, भीलवाड़ा में 14.4 डिग्री, अलवर में 9.0 डिग्री, जयपुर में 15.2 डिग्री, पिलानी में 10.0 डिग्री, सीकर में 13.0 डिग्री, कोटा में 14.4 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 14.2 डिग्री, बाड़मेर में 15.5 डिग्री, जैसलमेर में 12.5 डिग्री, जोधपुर में 17.4 डिग्री, बीकानेर में 14.1 डिग्री, चूरू में 10.5 डिग्री और श्री गंगानगर में 10.1 डिग्री, नागौर में 11.3 डिग्री, जालौर में 17.1 डिग्री, सिरोही में 13.2 डिग्री, फतेहपुर (सीकर) में 9.2 डिग्री, करौली में 9.7 डिग्री, दौसा में 10.4 डिग्री और झुंझुनूं में 12.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया.

इन जिलों में जारी कोहरे का अलर्ट
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दिसंबर में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार आज और कल (29-30 नवंबर) को राज्य के दक्षिणी व पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना है. कोहरे को लेकर छह जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा दिसंबर के पहले हफ्ते में पूरे राजस्थान में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है.
मावठ क्या है?
मावठ राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों के मौसम में होने वाली बारिश है, जो पश्चिमी विक्षोभ के कारण होती है। यह बारिश किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, खासकर रबी की फसलों, जैसे गेहूं और सरसों के लिए, और इसी कारण इसे 'सुनहरी बूंदें' भी कहा जाता है.
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