"हम 13 जनवरी को रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर जब दीमापुर से इम्फाल जा रहे थे. तभी रस्ते में अचानक कुछ लोगों ने हमारी कार को रोका, ड्राइवर को बुलाया. करीब 15 मिनट बाद ड्राइवर वापस आया. उन्होंने उससे कुछ पैसे लिए." राजस्थान की टीम के साथ मणिपुर गए कोच सोहनराम ने उस दिन की घटना को बताया, जब मणिपुर खेलने गई राजस्थान की टीम को मणिपुर में कुछ उग्रवादी समूह ने रोक लिए. टीम ने अपनी आपबीती एक वीडियो के जरिए साझा की.
सरकार ने दिए जांच के आदेश
इस वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए मणिपुर सरकार ने इम्फाल पुलिस अधीक्षक को जांच करने के आदेश दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि इस वीडियो की जांच करें और तुरंत उचित कानूनी कार्रवाई करें. इम्फाल के साथ सेनापति और कांगपोक्पी जिले की अधिकारियों को भी जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं.
इसी टीम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें टीम के खिलाड़ी बता रहे हैं कि उनके साथ कुछ लोगों ने मणिपुर में बंदूक की नोंक पर लूटपाट की. वायरल वीडियो के मुताबिक, टीम ने दावा किया कि ठहराव के दौरान संदिग्ध लोगों ने उन पर पैसे देने का दबाव डाला, जो राज्य में सक्रिय किसी उग्रवादी समूह से हो सकते हैं.
पैसे देने का दबाव डाला
कोच सोहनराम ने बताया कि वे टीम के साथ 11 जनवरी को निकले थे, वे धौलपुर से दिल्ली गए. दिल्ली से दीमापुर के लिए ट्रेन थी. उन्होंने बताया कि 11 तारीख को सुबह की ट्रेन थी, लेकिन देरी से चल रही थी. इसलिए ट्रेन दोपहर में आई. इसके बाद 13 जनवरी की शाम को हम दीमापुर पहुंचे थे.
वहां से कार से हम इम्फाल जा रहे थे. इसी दौरान हाइवे पर उन्हें कुछ लोगों ने रोका. उन्होंने ड्राइवर को बुलाया. करीब 15 मिनट बाद ड्राइवर आ गया. मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तो उसने बताया कि उन लोगों को पैसे चाहिए थे. करीब 1 हजार रूपए उन्होंने हमारे ड्राइवर से लिए. अभी हम सभी लोग सुरक्षित है.
52 में से केवल 24 की टिकट कंफर्म
टीम में शामिल एक बच्ची वीडियो में कह रही है कि कि हम 52 बच्चे आए थे, लेकिन केवल 24 की टिकट कंफर्म हुई है. उसने सवाल उठाए कि क्या हमारी इतनी ही वैल्यू है कि हम टॉयलेट के बाहर सफर करे. क्या हमारी ट्रॉफी की इतनी ही वैल्यू है? हमारे माता पिता हमारे साथ आए हैं. उन्होंने तत्काल में फ्लाइट की टिकट करवाई है. क्या उनका इतना पैसा खर्च होना चाहिए था. एक बच्ची के पिता ने कहा कि इनके जाने की कोई व्यवस्था नहीं की. साथ में जो आए थे वे उन्हें छोड़ कर चले गए. जब ये आए थे तब भी इनके साथ घटना हुई.
अव्यवस्था के दावे से इनकार
वहीं, यात्रा टिकट और रुकने की अव्यवस्था के आरोप पर कोच सोहनराम ने बताया कि करीब 30 बच्चे मणिपुर आए हैं. इनमें से कुछ तीरंदाजी और कुछ वूशु खेलते हैं. उन्होंने कहा कि जो बच्ची यह कह रही है. वह तो फ्लाइट से आई थी. हमारे साथ नहीं थी. ऐसी कोई अव्यवस्था नहीं है. सब सही से हुआ है. कुछ बच्चे पहले ही राजस्थान के लिए निकल चुके हैं. वहीं कुछ बच्चे और मैं खुद दीमापुर जा रहा हूं. अभी यही हूं.
वहीं इस मामले में जब हमनें राजस्थान के शिक्षा विभाग से बात करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला. वहीं, जयपुर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि उनसे अभी तक किसी ने मामले में संपर्क नहीं किया है. जैसे ही कोई जानकारी मिलेगी तो वे संज्ञान लेंगे.
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