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रींगस में 'रील' का बवाल: बाबा श्याम की पीतांबरी का ऐसा लालच... बेकाबू हुई भारी भीड़, बंद करने पड़े मंदिर के कपाट

रींगस श्याम मंदिर में बसंत पंचमी पर भारी बवाल! रील के चक्कर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, मैनेजमेंट फेल होने पर बंद हुए कपाट. ग्राउंड जीरो से देखें भक्तों का गुस्सा और ताजा हालात.

रींगस में 'रील' का बवाल: बाबा श्याम की पीतांबरी का ऐसा लालच... बेकाबू हुई भारी भीड़, बंद करने पड़े मंदिर के कपाट
भारी भीड़ के कारण रींगस श्याम मंदिर के कपाट बंद.
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के सीकर जिले के रींगस में शुक्रवार सुबह बसंत पंचमी पर बाबा श्याम के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. रींगस श्याम मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ के आगे प्रशासन और मंदिर कमेटी के इंतजाम पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं. हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि मंदिर प्रशासन को सुरक्षा कारणों से पट (कपाट) बंद करने पड़े हैं.

मंदिर कमेटी की लापरवाही?

भक्तों की नाराजगी का आलम यह है कि वे इसे सीधे तौर पर मंदिर कमेटी की गलती बता रहे हैं. एनडीटीवी राजस्थान की टीम ग्राउंड जीरो पर मौजूद है, जहां मंदिर के गेट पर अफरा-तफरी का माहौल है. देर रात से लाइन में लगे भक्त अब पुलिस के सामने अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. पुलिस मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को शांत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन कपाट बंद होने से तनाव बढ़ता जा रहा है.

रील देखकर आए थे भक्त, अब खा रहे हैं धक्के

एक पीड़ित भक्त ने NDTV राजस्थान से बातचीत में अपनी आपबीती सुनाई, जो कमेटी की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है. भक्त ने कहा, 'हम इंस्टाग्राम पर मंदिर कमेटी के पदाधिकारी की रील देखकर यहां आए थे, जिसमें बसंत पंचमी पर दर्शन की अपील की गई थी. सुबह 6 बजे ट्रेन से पहुंचे, अब 8:30 बज गए हैं लेकिन गेट बंद हैं. प्रशासन की भारी गलती है, भीड़ बढ़ती जा रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है.'

मुंबई से आए भक्त का फूटा गुस्सा: 'नहीं है कोई मैनेजमेंट'

सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने से आए भक्त परेशान हैं. मुंबई से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह 4 बजे से लाइन में हैं, लेकिन मंदिर में लाइन मैनेजमेंट नाम की कोई चीज नहीं है. भक्तों का आरोप है कि कपाट बंद होने की सूचना पहले नहीं दी गई, जिससे लोग घंटों तक ठंड और भीड़ में फंसे रहे.

'पीतांबरी' के लालच ने बिगाड़े हालात

इस पूरे हंगामे की जड़ में बाबा श्याम का वह पवित्र पीला वस्त्र है, जिसे 'पीतांबरी' या 'बागा' कहा जाता है. परंपरा के अनुसार, बसंत पंचमी पर बाबा का अधोवस्त्र बदला जाता है, जो साल भर उनके शरीर से लगा रहता है. भक्तों में इस वस्त्र का एक छोटा सा टुकड़ा पाने की भारी होड़ रहती है. दिलचस्प बात यह है कि खाटू श्याम मंदिर कमेटी ने इस बार पहले ही साफ कर दिया था कि वस्त्र वितरण की ऐसी कोई परंपरा नहीं है और वे इसे नहीं बांटेंगे. लेकिन, इसके उलट रींगस श्याम मंदिर कमेटी ने सोशल मीडिया पर इसका जबरदस्त प्रचार किया कि यहां 'पीतांबरी' का वितरण किया जाएगा. इसी एक सूचना और सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील के लालच में देर रात से ही लाखों भक्त रींगस में जमा हो गए, जिससे सुबह होते-होते हालात पूरी तरह प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गए.

मंदिर कमेटी ने दी सफाई

अव्यवस्था के आरोपों पर रींगस श्याम मंदिर कमेटी का आधिकारिक बयान सामने आया है. कमेटी के अनुसार, अचानक हुई तेज बारिश ने खेल बिगाड़ दिया. बारिश से बचने के लिए लाइनों में लगे हजारों भक्त एक साथ मंदिर परिसर के भीतर घुसने का प्रयास करने लगे. सुरक्षा जोखिम को देखते हुए एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद किए गए.

प्रशासन का दावा: 'अब स्थिति नियंत्रण में है'

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया है. रींगस SDM बृजेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. पुलिस के माकूल इंतजाम कर दिए गए हैं और अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. वहीं, रींगस SHO सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस का पर्याप्त जाब्ता मंदिर के हर कोने और प्रवेश द्वारों पर तैनात है. भीड़ को अब नियंत्रित कर लिया गया है और कतारें व्यवस्थित की जा रही हैं.

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