Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा का सत्र 28 जनवरी से शुरू होने वाला है. इसे लेकर राज्यपाल ने नोटिफिकेशन जारी किया है. वहीं 16वें विधानसभा के पांचवें सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने महत्वपूर्ण बयान दिया है. जिस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने निर्देश दिया है. इसके तहत विधानसभा की सदाचार कमेटी समेत अन्य सभी कमेटियों के कामकाज को लेकर विधायक टीकाराम जूली ने महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर बनी किसी भी कमेटी के निर्णयों को सीधे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि कमेटी के अंदर लिए गए फैसले पहले विधानसभा के पटल पर रखे जाने चाहिए, तभी उन्हें बाहर जारी किया जा सकेगा.
कमेटी के फैसले सीधे मीडिया या जनता के सामने नहीं लाया जाए
टीकाराम जूली ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने कमेटी नियमों के पालन की जरूरत पर जोर दिया और सुझाव दिया कि कमेटी के निर्णयों को सीधे मीडिया या जनता के सामने नहीं लाया जाए. इस पत्र के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी कमेटियों के चेयरमैन को निर्देश जारी कर दिए हैं. अब सभी चेयरमैन बाध्य हैं कि वे कमेटी के निर्णयों को विधानसभा के पटल पर रखने के बाद ही उन्हें सार्वजनिक करें.
विधानसभा की गरिमा बनी रहेगी
इस निर्णय का मकसद विधानसभा की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और कमेटी कार्यों में अनुशासन बनाए रखना है. विधायकों का कहना है कि इससे विधानसभा की गरिमा बनी रहेगी और सभी निर्णयों पर उचित निगरानी रहेगी. यह निर्देश अब सभी कमेटियों के लिए अनिवार्य माना जाएगा और इसका पालन करना सभी कमेटी अध्यक्षों के लिए अनिवार्य होगा.
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