
आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व नई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) कमेटी में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को भी शामिल होने के बाद राजस्थान में पायलट खेमें में खुशी की लहर साफ देखी जा सकती है. पूर्व डिप्टी सीएम और पूर्व राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष रहे र्सचिन पायलट को काफी समय बाद पार्टी आलाकमान की ओर से बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. ऐसे में पायलट खेमें से जुड़े विधायकों में भी खुशी का माहौल है.
गौरतल ब है हाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व नई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (Congress Working Committee) की घोषणा की है, जिसमें कुल 39 नेताओं को शामिल किया गया है, इनमें पायलट को भी शामिल किया गया है. पायलट को सीवीसी में शामिल किए जाने के बाद विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, इंद्राज गुर्जर सहित पायलट समर्थक विधायकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई संदेश दिए.
पायलट जल्द विधानसभा क्षेत्र टोंक का दौरा भी करेंगे
कांग्रेस वर्किंग कमिटी में राजस्थान से कुल 5 लोगों को शामिल किया गया है. जिसमें सचिन पायलट, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, भंवर जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, मोहन प्रकाश शामिल है. पायलट समर्थकों का मानना है कि आलाकमान ने पायलट पर भरोसा जताया है और आगामी विधानसभा चुनाव में भी सचिन पायलट अलग भूमिका में नज़र आ सकते हैं. माना जा रहा है कि सूची जारी होने के बाद अब सचिन पायलट जल्दी अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक का दौरा भी करेंगे.
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बगावत के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी
आपको बता दें बीते विधानसभा चुनाव के बाद से ही सीएम अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच तीखी तकरार रही है. एक समय आया जब सचिन पायलट अपने 18 समर्थक विधायकों के साथ बगावत भी कर चुके थे. जिसके बाद राजस्थान की राजनीति में भूचाल सा आ गया था, लेकिन फिर आलाकमान की मध्यस्था के बाद मामला थम गया.
सरकार के खिलाफ अजमेर से जयपुर तक निकाली यात्रा
सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों ने बीते दिनों अपनी ही सरकार के खिलाफ अजमेर से जयपुर तक यात्रा निकाली थी और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मामलों में सरकार की मिलीभगत है. जिसके बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाकर भुनाने का प्रयास किया था. हालांकि विपक्ष को ज्यादा लाभ नहीं हुआ.
क्या है सियासी मायने?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में सचिन पायलट के शामिल किए जाने से पार्टी को राजनीतिक रूप से फायदा मिलना तय है. पायलट पूर्वी राजस्थान के एक बड़े नेता है और पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान की अधिकतर सीटें कांग्रेस के खाते में आई थी, तो ऐसे में पायलट के शामिल होने से पार्टी को निश्चित रूप से फायदा मिलेगा.