
दुनिया के 20 शक्तिशाली देशों के समूह G-20 का अध्यक्ष इस साल भारत है. साल के अंत में राजधानी दिल्ली में जी-20 का समिट होना है. इस समिट से पहले देश के अलग-अलग शहरों में जी-20 के विभिन्न समूहों की बैठक हो रही है. अभी हाल ही में 24-25 अगस्त को राजस्थान की राजधानी जयपुर में जी-20 की ट्रेड इन्वेस्टमेंट ग्रुप और ट्रेड इन्वेस्टमेंट मंत्रालय की बैठक हुई थी. इस मीटिंग में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए थे. भारत को मिली जी-20 की अध्यक्षता के मायने समझने के लिए NDTV खास इंटरव्यू की सीरीज चला रहा है.
#DecodingG20WithNDTV नामक इस सीरीज में मंगलवार को एनडीटीवी के एडिटर इन चीफ संजय पुगलिया ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. इस बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने भारत की विदेश नीति और पड़ोसी देश चीन-पाकिस्तान की सीमा पर हो रही नापाक हरकतों पर खुलकर बात की. भारतीय क्षेत्रों को चीन के नक्शे में दिखाए जाने के बाबत पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय क्षेत्रों को अपने मैप में दिखाना चीन की पुरानी आदत है.
हमारी सरकार स्पष्ट, हमें अपने क्षेत्र में क्या करना हैः एस जयंशकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चीन ने उन क्षेत्रों के साथ अपना मैप जारी किया है, जो उसके है ही नहीं. यह उसकी एक पुरानी आदत है. केवल भारत के कुछ हिस्सों के साथ नक्शा जारी करने से कुछ भी नहीं बदलेगा. हमारी सरकार इस बारे में बहुत स्पष्ट है कि हमें अपने क्षेत्र में क्या करना है? बेतुके दावे करने से दूसरे लोगों का क्षेत्र आपका नहीं हो जाता."
अक्साई चीन और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्साः विदेश मंत्री
भारतीय क्षेत्रों को अपने मैप में दिखाने की चीन की हिमाकत को लेकर पूछे गए सवाल पर जयशंकर ने कहा कि ऐसा करना उनकी पुरानी आदत रही है. अक्साई चीन और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं. हमारी सरकार का रुख देश के हिस्सों को लेकर बेहद साफ है. अनाप-शनाप दावे करने से दूसरों के इलाके आपके नहीं हो सकते.
🔴 #SJaishankarToNDTV | Watch Live: Foreign Minister S Jaishankar (@DrSJaishankar) in conversation with NDTV's Sanjay Pugalia (@sanjaypugalia)#DecodingG20WithNDTV https://t.co/b4NjgmAKWq
— NDTV (@ndtv) August 29, 2023
'भारत को चीन प्लस वन के रूप में नहीं दिखाया जाना चाहिए'
NDTV के एडिटर इन चीफ संजय पुगलिया से बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आगे कहा, "जी 20 अपने जनादेश का पालन करेगा, जो वैश्विक वृद्धि और विकास है. यूएनएससी अपना काम करता रहेगा. आप कहीं और जाकर संयुक्त राष्ट्र को ठीक नहीं कर सकते. संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को यह महसूस करना होगा कि यह सुधारों का समय है. भारत को चीन प्लस वन के रूप में नहीं दिखाया जाना चाहिए".
पाकिस्तान पर विदेश मंत्री ने दिया ये जवाब
इस इंटरव्यू के दौरान एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर भी जवाब दिए. एस जयशंकर ने कहा, "मैंने देखा कि कैसे दुनिया ने हम पर दबाव बनाने के लिए कश्मीर का इस्तेमाल किया. आर्टिकल 370 को निरस्त करना पिछले 10 वर्षों की हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. पाकिस्तान इस पर आज भी बात करता है, लेकिन आप सोचिए पाकिस्तान को लेकर अब दुनिया बात क्यों नहीं करती. बात साफ है... लूसिंग स्टॉक में कौन इंवेस्ट करेगा?"
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