Rajasthan News: सरहदी इलाकों में तस्करी का मिजाज बदल चुका है. कभी ऊंटों पर सोना-चांदी और पशु लाने वाले तस्कर अब हाईटेक ड्रोन और हवाला के जरिए मौत का सामान सरहद पार से भेज जा रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि 10 साल पहले जिस बीकानेर रेंज में हेरोइन का एक भी मामला सामने नहीं देखा गया था. वहां अब पिछले तीन सालों में हेरोइन का जखीरा मिल रहा है. अब तक इस क्षेत्र में 158.500 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी जा चुकी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत अरबों रुपये है.
2015 तक बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में हेरोइन बरामदगी शून्य थी. पंजाब बॉर्डर पर बढ़ती सख्ती के बाद पाक तस्करों ने राजस्थान के 396 किमी रेतीले बॉर्डर को अपना सेफ जोन बना लिया.
कोहरे और रात के अंधेरे में ड्रोन का इस्तेमाल
बॉर्डर पर बीएसएफ की मुस्तैदी और तारबंदी के कारण तस्करों ने अपने तरीके बदल लिए है. वर्ष 2021 में खाजूवाला बॉर्डर पर तारबंदी के नीचे पाइप डालकर तस्करी की गई. वहीं चीन और टर्की से मिले ड्रोन्स के जरिए पाक तस्कर अब कोहरे और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में पैकेट गिरा रहे हैं. पंजाब के अपराधी और पाक तस्कर आपस में डील करते हैं और रुपयों का लेनदेन हवाला के जरिए गुप्त तरीके से किया जाता है.
बीएसएफ की मदद से पकड़ी जा रही हेरोइन
बीकानेर रेंज आईजी हेमंत कुमार ने बताया कि राजस्थान की पश्चिमी क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय सीमा बहुत बड़ी है. पुलिस सुरक्षा एजेंसियों और बीएसएफ की सहायता से लगातार तस्करी से आई हीरोइन को जब्त कर रही है. हमारा उद्वेश्य सिर्फ धरपकड़ करना नहीं बल्कि अंतिम कड़ी तक पहुंचना है. विशेषकर इस गैंग की फाइनेंशियल नब्ज को तोड़ना है.
सर्दियों में ओस और कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिसका फायदा उठाकर ड्रोन गतिविधियां बढ़ जाती हैं.लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस लगातार इन नापाक हरकतों को नेस्तानाबूत कर रही है.
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