Sonam Wangchuk in Jodhpur central Jail: जोधपुर सेंट्रल जेल में इन दिनों प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट, शिक्षाविद और मैगसेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक बंद हैं. कुख्यात बंदियों के लिए देश की सुरक्षित जेलों में शुमार सेंट्रल जेल में उन्हें 119 दिन हो गए हैं. अब वे यहां के माहौल को देखने के बाद जेल की बैरक को बेहतर बनाना चाहते हैं. उन्होंने पत्नी से चींटियों पर किताब मंगवाई है और कोर्ट से थर्मामीटर उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया. वांगचुक ने मंशा जाहिर की है कि वे थर्मामीटर जैसे सरल उपकरण से जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर (पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला) पर प्रयोग करना चाहते हैं.
4 महीने से जेल में बंद है वांगचुक
लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए वांगचुक ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद 26 सितंबर 2025 को वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके बाद से वो जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है.
I met @Wangchuk66 yesterday and finally gave him the book on Ants, a gift from his eldest brother, along with books on climate change and its solution that he had requested. He asked me to check with the jail administration and the #SupremeCourtofIndia if he can get instruments… pic.twitter.com/O2guuLqaFJ
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) January 21, 2026
जेल प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट से मांग
मंगलवार (20 जनवरी) को वांगुचक की पत्नी गीतांजली ने उनसे जोधपुर जेल में मुलाकात की. गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी भी दी. उनके मुताबिक, सोनम जेल में एकांत कारावास में हैं. मुलाकात के दौरान उन्होंने चींटियों पर किताब 'एंट्स: वर्कर्स ऑफ द वर्ल्ड' तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़ी किताबें दीं, जो सोनम ने मांगी थीं. सोनम जेल बैरक में चींटियों का अवलोकन कर रहे हैं, क्योंकि चींटी समुदाय में एकजुटता और टीम वर्क की बहुत प्रेरणा है.
29 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
गीतांजलि ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सोनम की हिरासत को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है. मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को है. वहीं, वांगचुक ने जेल प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उन्हें थर्मामीटर जैसे सरल उपकरण दिए जाएं, ताकि वे जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर (पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला) पर प्रयोग कर सकें.
सलमान खान ने भी जाहिर की थी इच्छा
इससे पहले अभिनेता सलमान खान हिरण केस में जोधपुर जेल में कुछ समय रहे थे. सलमान ने एक बार जेल से छूटने के बाद वादा किया था कि वह बैरकों में शौचालयों का निर्माण करवाएंगे और अर्थदंड न चुका पाने के कारण जेल में बंद कैदियों का जुर्माना खुद भरेंगे. हिंदी फिल्म ‘मैने प्यार क्यों किया' में सलमान की मां की भूमिका निभा चुकी राजस्थान की पूर्व मंत्री बीना काक ने मीडिया से कहा था कि "सलमान कैदियों की सुविधा के लिए शौचालय और स्नानघर का जीर्णोद्धार करने को तैयार थे. मैने कई बार सरकार से गुहार लगाई कि वह इसका प्रस्ताव दे, लेकिन सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी." अब वांगचुक ने ही कुछ ऐसी इच्छा जताई है.
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